पटना।जनसूराज पार्टी के प्रमुख प्रशांत किशोर ने बीपीएससी (बिहार लोक सेवा आयोग) के अभ्यर्थियों के मुद्दे (bpsc re-exam Protest)को लेकर लंबी लड़ाई का ऐलान किया है. पटना के गांधी मैदान में पिछले चार दिनों से आमरण अनशन पर बैठे प्रशांत किशोर ने सरकार की नकारात्मक रवैये पर नाराजगी जताई और कहा कि इस मुद्दे को जल्दी सुलझाने की सरकार की कोई मंशा नहीं दिख रही है.
bpsc re-exam Protest: क्या होगा प्रशांत किशोर का अगला कदम
इस मुद्दे (bpsc re-exam Protest)को हल करने के लिए किशोर ने 51 सदस्यीय युवा सत्याग्रह समिति का गठन किया है, जो इस आंदोलन को आगे बढ़ाएगी. किशोर ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर तंज कसते हुए कहा कि यदि ये दोनों नेता युवाओं के मुद्दों को लेकर आगे आते हैं और इसका नेतृत्व करते हैं, तो उन्हें कोई आपत्ति नहीं होगी.
विपक्षी दलों से साथ का किया आव्हान
उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा या लोजपा के नेता भी यदि इस आंदोलन(bpsc re-exam Protest) में शामिल होते हैं, तो वह उनके साथ सहयोग करने के लिए तैयार हैं. लेकिन उन्होंने यह स्पष्ट किया कि 30 सालों से युवाओं की समस्याओं की जो गठरी पड़ी है, उसे हटाने के लिए वह पीछे नहीं हटेंगे.
किशोर ने सरकार पर जमकर हमला बोलते हुए कहा कि वह पुलिस की लाठी खाने को तैयार हैं, लेकिन अपने आंदोलन से पीछे नहीं हटेंगे. उनका यह आंदोलन बीपीएससी अभ्यर्थियों के हक में लगातार जारी रहेगा.