Darbhanga Airport : उत्तर बिहार के लाखों यात्रियों के लिए राहत की खबर है। दरभंगा एयरपोर्ट पर नाइट लैंडिंग की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। भारतीय वायुसेना (Indian Air Force) की सर्वे टीम ने शुक्रवार को एयरपोर्ट का निरीक्षण किया और वहां की मौजूदा सुविधाओं का गहराई से जायजा लिया। टीम अपनी रिपोर्ट एयरपोर्ट अथॉरिटी और मंत्रालय को सौंपेगी। यदि सब कुछ ठीक पाया गया तो जल्द ही दरभंगा एयरपोर्ट 24 घंटे संचालन के लिए तैयार होगा। वर्तमान में दरभंगा एयरपोर्ट से सिर्फ दिन के समय विमानों का संचालन हो सकता है। लेकिन नाइट लैंडिंग की सुविधा मिलते ही इस एयरपोर्ट की क्षमता और उपयोगिता कई गुना बढ़ जाएगी।
सांसद का प्रयास और एयरफोर्स की सक्रियता
दरभंगा सांसद और एयरपोर्ट सलाहकार समिति के अध्यक्ष गोपालजी ठाकुर ने बताया कि इस पहल के लिए उन्होंने कई बार एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया, केंद्रीय गृह मंत्री और रक्षा मंत्री से मुलाकात की थी। उनके अनुसार, लंबे समय से नाइट लैंडिंग की मांग की जा रही थी, और अब इंडियन एयरफोर्स की तकनीकी टीम द्वारा किया गया सर्वे इस दिशा में निर्णायक साबित हो सकता है।
Darbhanga Airport : नाइट लैंडिंग का क्या होगा फायदा?
देर रात और तड़के की फ्लाइट्स की सुविधा बढ़ेगी. अन्य शहरों से कनेक्टिंग फ्लाइट्स पकड़ने वालों को सहूलियत होगी जिससे एयरलाइंस को स्लॉट मैनेजमेंट में लचीलापन मिलेगा और एयरपोर्ट की व्यावसायिक संभावनाएं बढ़ेंगी. विशेषज्ञों के अनुसार रात में विमानों का संचालन शुरू होने से दरभंगा एयरपोर्ट का उपयोग और अधिक व्यावसायिक व रणनीतिक दृष्टि से लाभदायक होगा। अभी तक यह हवाई अड्डा केवल दिन में सीमित समय के लिए खुला रहता है, जिससे एयरलाइनों को स्लॉट देने में भी मुश्किल आती है।
फ्लाइट रद्द होने से यात्रियों की परेशानी जारी
जहां एक ओर एयरपोर्ट की क्षमता बढ़ाने की दिशा में काम हो रहा है, वहीं दूसरी ओर मौजूदा सुविधाओं की अनियमितता यात्रियों की परेशानी का कारण बनी हुई है। शुक्रवार को लगातार दूसरे दिन स्पाइसजेट की दरभंगा-मुंबई फ्लाइट रद्द रही। इससे खासकर वे यात्री प्रभावित हुए जिन्हें मुंबई से खाड़ी देशों की फ्लाइट पकड़नी थी। स्थानीय यात्रियों ने बताया कि दरभंगा एयरपोर्ट से पटना, सहरसा, मधुबनी, समस्तीपुर, सीतामढ़ी जैसे दर्जन भर जिलों के लोग उड़ानें लेते हैं। ऐसे में किसी भी फ्लाइट का रद्द होना सिर्फ एक शहर नहीं, पूरे उत्तर बिहार के लिए मुश्किल बन जाता है। बता दें कि 2023-24 में दरभंगा एयरपोर्ट बिहार का एकमात्र मुनाफे में चलने वाला हवाई अड्डा रहा है। इसके बावजूद, एयरपोर्ट पर पार्किंग, वेटिंग लाउंज, शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं सीमित हैं। साथ ही, अक्सर फ्लाइट्स की लेटलतीफी या रद्दीकरण से यात्रियों को परेशानी होती है।
Darbhanga Airport : क्या कहता है स्थानीय जनमत?
स्थानीय नागरिक और व्यापारियों का कहना है कि अगर नाइट लैंडिंग शुरू हो जाती है तो दरभंगा न केवल बिहार, बल्कि नेपाल सीमा से सटे क्षेत्रों के लिए भी एक महत्वपूर्ण हवाई केंद्र बन सकता है। इससे कारोबार, पर्यटन और रोजगार के नए रास्ते भी खुल सकते हैं। दरभंगा एयरपोर्ट पर इंडियन एयरफोर्स का सर्वे एक नई शुरुआत का संकेत है। यदि नाइट लैंडिंग को हरी झंडी मिल जाती है, तो यह हवाई अड्डा बिहार के लिए सिर्फ एक ट्रांसपोर्ट हब नहीं, बल्कि विकास का द्वार बन सकता है। अब निगाहें हैं उस रिपोर्ट पर, जो आने वाले दिनों में दरभंगा की उड़ान (Darbhanga Airport ) को नई ऊंचाई तक ले जा सकती है।