बिहार के हर जिले में बनेगा मॉडल सोलर विलेज…ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में सरकार कर रही नई पहल

Solar Village In Bihar : बिहार सरकार ने राज्य में ऊर्जा आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वाकांक्षी पहल शुरू की है. केंद्र सरकार के सहयोग से हर जिले में एक-एक गांव को मॉडल सोलर विलेज के रूप में विकसित किया जाएगा. यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों में सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है. यह पहल केंद्र की पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत लागू की जा रही है, जिसका उद्देश्य घर-घर सौर ऊर्जा पहुंचाना है.

चयन प्रक्रिया शुरू

इस योजना के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी बिहार रिन्यूएबल एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी (BREDA) को दी गई है. सभी जिलाधिकारियों से संभावित गांवों की सूची मांगी गई है. मीडिया सूत्रों के अनुसार, प्रत्येक जिले से 10 गांवों को प्रारंभिक रूप से चुना जाएगा, जिनकी आबादी कम से कम 5000 होनी चाहिए. अंतिम चयन उस गांव का होगा जहां सबसे अधिक सोलर पैनल लगाए जाएंगे.

₹1 करोड़ तक का अनुदान

केंद्र सरकार चयनित प्रत्येक गांव को करीब ₹1 करोड़ की आर्थिक सहायता प्रदान करेगी. इस राशि का उपयोग सामुदायिक सोलर प्लांट, सरकारी भवनों पर रूफटॉप सोलर, सोलर स्ट्रीट लाइट और सोलर सिंचाई पंप जैसी सुविधाओं के विकास में किया जाएगा. सरकार सोलर पैनल लगाने के लिए सब्सिडी भी दे रही है. इसके अलावा आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को 7% ब्याज दर पर ₹2 लाख तक का लोन उपलब्ध कराया जाएगा, जिसे 7 से 8 वर्षों में चुकाया जा सकेगा.

ग्रामीण जीवन में बदलाव की उम्मीद

विशेषज्ञों का मानना है कि इस योजना के लागू होने से बिजली बिल में कमी, किसानों को सस्ती सिंचाई, रोजगार के अवसरों में वृद्धि और प्रदूषण में कमी जैसे कई लाभ मिल सकते हैं. सरकार ने इस योजना को मार्च 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है. साथ ही, 2026–27 तक 1 करोड़ घरों को सौर ऊर्जा से जोड़ने का राष्ट्रीय लक्ष्य भी निर्धारित किया गया है. यदि यह पहल सफल होती है, तो बिहार का यह मॉडल पूरे देश के लिए उदाहरण बन सकता है.

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