Bihar Politics : श्रवण कुमार को जनता दल (यूनाइटेड) विधायक दल का नेता चुन लिया गया है. पार्टी की ओर से उनके नाम का प्रस्ताव पहले ही विधानसभा भेजा जा चुका था, जिस पर अब औपचारिक मुहर लग गई है. विधानसभा सचिवालय ने भी इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी है.
श्रवण कुमार के नाम पर सहमति
इससे तीन दिन पहले ही बिहार सरकार ने पूर्व मंत्री श्रवण कुमार की सुरक्षा बढ़ाते हुए उन्हें Y+ कैटेगरी की सुरक्षा प्रदान की थी. नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद से विधायक दल के नेता का पद खाली था, जिसे लेकर जदयू नेताओं की बैठक हुई थी. जानकारी के मुताबिक, विधायकों ने पहले ही श्रवण कुमार के नाम पर सहमति बना ली थी, जिसके बाद पार्टी नेतृत्व ने इसे मंजूरी दे दी. इसी बीच निशांत कुमार ने श्रवण कुमार को नई जिम्मेदारी मिलने पर बधाई दी. वे जदयू कार्यालय पहुंचे और कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर आगे की रणनीति पर चर्चा की.
आठ बार के विधायक
नालंदा से आने वाले श्रवण कुमार का राजनीतिक सफर काफी मजबूत रहा है. उन्होंने पहली बार 1995 में विधानसभा चुनाव जीता था और तब से लगातार जनता का भरोसा हासिल करते रहे हैं. वे 1995, 2000, 2005 (फरवरी और अक्टूबर), 2010, 2015, 2020 और 2025 में विधायक चुने जा चुके हैं. इस तरह वे अब तक आठ बार विधानसभा पहुंच चुके हैं.
सरकार और संगठन में अहम भूमिका
सरकार में भी श्रवण कुमार की भूमिका महत्वपूर्ण रही है. वे लंबे समय तक ग्रामीण विकास मंत्री रहे और संसदीय कार्य मंत्री के रूप में सरकार और विधानसभा के बीच समन्वय की जिम्मेदारी संभालते रहे. पार्टी संगठन में भी उन्हें वरिष्ठ नेताओं में गिना जाता है और कई अहम फैसलों में उनकी सक्रिय भागीदारी रही है. इसके अलावा वे बिहार विधानसभा में मुख्य सचेतक की जिम्मेदारी भी निभा चुके हैं. उनकी नियुक्ति को जदयू के भीतर अनुभव और स्थिर नेतृत्व के रूप में देखा जा रहा है.