पटना। बिहार में आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों को लेकर राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने अपनी रणनीति पर मंथन शुरू कर दिया है. इसी कड़ी में आज, 15 फरवरी को दिल्ली के कांस्टीट्यूशन क्लब में ‘बिहार पॉलिसी डायलॉग'(Bihar Policy Dialogue program) आयोजित किया जा रहा है. इस आयोजन की औपचारिक मेजबानी सोन वैली डेवलपमेंट फाउंडेशन कर रहा है, लेकिन इसमें RJD नेताओं की सक्रिय भूमिका को देखते हुए इसे पार्टी की इमेज बिल्डिंग का एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है.
नए बिहार की परिकल्पना पर चर्चा
इस नीति संवाद में कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा और सार्वजनिक वित्त से जुड़े विशेषज्ञ देश-विदेश से अपनी राय रखेंगे. इन विषयों पर प्राप्त सुझावों को RJD अपने घोषणा पत्र में शामिल कर सकती है. RJD के महासचिव शाश्वत गौतम ने बताया कि इस आयोजन में समाजसेवी, शिक्षाविद और विभिन्न क्षेत्रों में शोध करने वाले विशेषज्ञ हिस्सा ले रहे हैं. इसका अगला चरण पटना में आयोजित होगा, जहां प्राप्त सुझावों को पार्टी के घोषणा पत्र का हिस्सा बनाया जाएगा.
महत्वपूर्ण सवालों का जवाब तलाशेगी RJD
- भारी-भरकम ब्याज से मुक्त बिहार का बजट कैसे तैयार किया जाए?
- ऐसी कौन-सी रणनीति अपनाई जाए जिससे लोगों की खर्च करने की शक्ति बढ़े, बजाय सिर्फ राहत योजनाओं पर ध्यान केंद्रित करने के?
- स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में लोगों का निजी संस्थानों की ओर बढ़ता रुझान कैसे रोका जाए?
आंतरिक सूत्रों के अनुसार, यह आयोजन OBC इंटलेक्चुअल वर्ग को एक मंच पर लाने की कोशिश का भी हिस्सा है. बिहार में आठ महीने बाद विधानसभा चुनाव होने हैं और 3 मार्च को विधानसभा में राज्य का बजट पेश किया जाएगा. ऐसे में यह नीति संवाद RJD के लिए बजट सत्र में एक मजबूत तैयारी का अवसर हो सकता है.
चुनाव से पहले RJD की रणनीति में दो बड़े बदलाव
- महिला वोटर्स पर फोकस
RJD ने बिहार को पहला महिला मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के रूप में दिया था, लेकिन यह एक सोची-समझी योजना का हिस्सा नहीं था बल्कि लालू प्रसाद के जेल जाने के बाद सत्ता की कमान अपने परिवार में बनाए रखने का एक कदम था. इसके बावजूद पार्टी ने महिलाओं को लेकर संगठन के स्तर पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया था. अब तेजस्वी यादव इस कमी को पूरा करने की कोशिश कर रहे हैं.
तेजस्वी ने ‘माई-बहन सम्मान योजना’ के तहत महिलाओं को हर माह ₹2,500 देने का वादा किया है. साथ ही, RJD ने पार्टी की महिला विंग की अध्यक्षता रितु जायसवाल को सौंप दी है. लोकसभा चुनाव 2024 में पार्टी ने 10 में से 6 सीटों पर महिला उम्मीदवार उतारे थे.
बिहार में पुरुषों की तुलना में महिला मतदाता अधिक संख्या में वोट डालती हैं. 2024 लोकसभा चुनाव में कुल 56.28% मतदान हुआ था, जिसमें 53% पुरुषों की तुलना में 59.45% महिलाओं ने वोट डाला था. यानी पुरुषों की तुलना में 6.45% अधिक महिलाओं ने मतदान किया था. इस आंकड़े को ध्यान में रखते हुए तेजस्वी यादव ने फुलपरास में आयोजित कर्पूरी जयंती समारोह में कहा- ‘M मतलब महिला और Y मतलब युवा’.
- युवाओं को जोड़ने की कोशिश
तेजस्वी यादव बेरोजगारी को प्रमुख चुनावी मुद्दा बना रहे हैं और अपनी सरकार आने पर रोजगार देने का वादा कर रहे हैं. उन्होंने चुनाव प्रचार में नया नारा दिया है- “17 महीने में किया कमाल, हमें दीजिए पूरे 5 साल.”
तेजस्वी हर सभा में टीचरों की बहाली और हेल्थ सेक्टर में भर्ती को अपनी उपलब्धि के रूप में गिनाते हैं. इसके साथ ही, उन्होंने पार्टी में युवाओं को भी महत्वपूर्ण भूमिका दी है. राज्यसभा सांसद संजय यादव और नीतीश कुमार के पूर्व सहयोगी शाश्वत गौतम जैसे पढ़े-लिखे युवा नेताओं को अपनी टीम में शामिल किया है.
विधानसभा चुनाव से पहले RJD कर रही अपनी छवि सुधारने की कोशिश
RJD बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले अपनी छवि सुधारने और एक नई चुनावी रणनीति तैयार करने में जुटी हुई है. दिल्ली में हो रहे ‘बिहार पॉलिसी डायलॉग’ से पार्टी को न केवल अपने घोषणा पत्र को मजबूत करने का मौका मिलेगा, बल्कि आगामी चुनावों के लिए एक स्पष्ट रोडमैप तैयार करने में भी मदद मिलेगी. महिला वोटर्स और युवाओं पर फोकस करके तेजस्वी यादव एक नई RJD की तस्वीर पेश करने की कोशिश कर रहे हैं. अब देखना यह होगा कि उनकी यह रणनीति आगामी चुनावों में कितनी कारगर साबित होती है.