पटना। बिहार विधानसभा में 3 मार्च को वित्तीय वर्ष 2025-26 का बजट पेश (Bihar Budget) किया जाएगा. राज्य के वित्त मंत्री सम्राट चौधरी दूसरी बार बजट प्रस्तुत करेंगे. इस बार का बजट लगभग 3.25 लाख करोड़ रुपए का होने की संभावना है, जो 2024-25 के बजट की तुलना में 45 से 47 हजार करोड़ रुपए अधिक होगा. पिछले साल बिहार का बजट 2.78 लाख करोड़ रुपए का था. इस बजट में राज्य के विकास के साथ-साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क निर्माण, ग्रामीण विकास, रोजगार और बाढ़ प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा.
Bihar Budget : राज्य को फंड कहां से मिलेगा?
हर बार की तरह इस बार भी बजट का बड़ा हिस्सा केंद्र सरकार से प्राप्त करों की हिस्सेदारी और राज्य सरकार के अपने राजस्व से आएगा. वित्तीय वर्ष 2025-26 में बिहार को केंद्रीय करों में हिस्सेदारी के रूप में 1,43,069 करोड़ रुपए मिलेंगे, जो 2024-25 की तुलना में लगभग 13 हजार करोड़ रुपए अधिक है. यह बजट का लगभग आधा हिस्सा पूरा कर देगा.
इसके अलावा बिहार को लगभग 15,000 करोड़ रुपए का ब्याज रहित कर्ज भी मिलेगा. अनुदान और केंद्रीय योजनाओं से मिलने वाली राशि जोड़ने के बाद बजट का आकार दो-तिहाई तक पहुंच जाएगा.राज्य सरकार का अपना राजस्व भी 60 से 65 हजार करोड़ रुपए तक पहुंचने की संभावना है. इसमें प्रमुख योगदान कॉमर्शियल टैक्स (43 हजार करोड़ रुपए), स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन टैक्स (8 हजार करोड़ रुपए), परिवहन टैक्स (3,900 करोड़ रुपए) और भू-राजस्व (800 करोड़ रुपए) का होगा.
बजट के संभावित खर्चे
- वेतन मद – 50 हजार करोड़ रुपए
- पेंशन – 32 हजार करोड़ रुपए
- ब्याज भुगतान – 21 हजार करोड़ रुपए
- कर्ज चुकाने में खर्च – 24 हजार करोड़ रुपए
- शिक्षा क्षेत्र – 56 हजार करोड़ रुपए
- ग्रामीण विकास – 15 हजार करोड़ रुपए
- स्वास्थ्य क्षेत्र – 16 हजार करोड़ रुपए
- समाज कल्याण – 8,400 करोड़ रुपए
- नगर विकास – 13 हजार करोड़ रुपए
- पथ निर्माण – 5,500 करोड़ रुपए
- जल संसाधन – 4,500 करोड़ रुपए
- कृषि क्षेत्र – 4,000 करोड़ रुपए
Bihar Budget : शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और कृषि पर विशेष ध्यान
बिहार सरकार 2025-26 के बजट में शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और रोजगार को प्राथमिकता देने जा रही है. TRE-4 योजना के तहत 80,000 से अधिक शिक्षकों की नियुक्ति होगी, और अन्य क्षेत्रों में भी 5 लाख से अधिक रोजगार सृजित किए जाएंगे.
महिला सशक्तिकरण के लिए विशेष योजनाओं को भी बजट में स्थान दिया गया है. ग्रामीण विकास, छोटे उद्योग, पर्यावरण संरक्षण और पेयजल सुविधा जैसे विषयों पर भी ध्यान दिया गया है. इन्फ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र पर सबसे अधिक जोर दिया गया है, और सूचना तकनीक के क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ाने की भी योजना बनाई जा रही है.
शिक्षा पर सबसे अधिक खर्च
पिछले दो बजट से सरकार विभिन्न योजनाओं पर लगभग 1 लाख करोड़ रुपए खर्च कर रही है. इसमें सबसे बड़ा हिस्सा शिक्षा विभाग की योजनाओं का रहा है. मुख्यमंत्री की हालिया घोषणाओं से संकेत मिलता है कि शिक्षा, पथ निर्माण, ग्रामीण कार्य और जल संसाधन विभाग की योजनाओं पर खर्च बढ़ेगा. बजट खर्च का संभावित वितरण:
- शिक्षा विभाग – 23%
- ग्रामीण विकास – 14%
- स्वास्थ्य विभाग – 7%
- समाज कल्याण – 6%
- नगर विकास – 5%
- पथ निर्माण – 5%
- जल संसाधन – 3%
- कृषि विभाग – 3%
- अन्य विभागों पर – 17.5%
बजट में पिछले पांच वर्षों का विकास
पिछले पांच वर्षों में बिहार के बजट(Bihar Budget) में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है. वित्तीय वर्ष 2023-24 में बजट का आकार अचानक बढ़ा, जिसका मुख्य कारण वेतन और पेंशन मद में वृद्धि थी. यह खर्च नई सरकारी नौकरियों, सरकारी कर्मियों की वेतन वृद्धि और अनुबंध पर नियुक्त कर्मियों के वेतन में वृद्धि के कारण हुआ.
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 2020 के चुनावी घोषणापत्र में 10 लाख नौकरियों का वादा किया था, जिसके परिणामस्वरूप प्रतिबद्ध व्यय में लगातार वृद्धि हुई है. 2023-24 के बाद से सरकारी वेतन खर्च में भारी वृद्धि हुई है, जो इस साल और बढ़ने की संभावना है, क्योंकि मुख्यमंत्री ने हाल ही में घोषणा की है कि 2025 के अंत तक 12 लाख लोगों को नौकरी और 34 लाख लोगों को रोजगार मिलेगा.
Bihar Budget : चुनावी हितों को साधने की तैयारी
बिहार सरकार का 2025-26 का बजट राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और ग्रामीण विकास को प्राथमिकता देने के लिए तैयार किया जा रहा है. केंद्र सरकार की वित्तीय सहायता और राज्य सरकार के राजस्व संग्रह के माध्यम से यह बजट आकार ले रहा है. आगामी बजट में बिहार की जनता के लिए नई संभावनाओं और योजनाओं की झलक मिलेगी, जिसका सीधा प्रभाव आगामी विधानसभा चुनावों पर भी पड़ सकता है.