बिहार के इंटर टॉपर लिस्ट से फिर गायब हुए टॉपर्स फैक्ट्री के छात्र..! कहां कमजोर पर रहा नीतीश कुमार का ड्रीम प्रोजेक्ट ?

Simultala Awasiya Vidyalaya News : बिहार के प्रतिष्ठित सिमुलतला आवासीय विद्यालय का इंटरमीडिएट परीक्षा में प्रदर्शन लगातार गिरता जा रहा है. कभी टॉपर्स की फैक्ट्री के रूप में पहचाने जाने वाले इस संस्थान के छात्र पिछले पांच वर्षों से राज्य के टॉप-5 में जगह बनाने में असफल रहे हैं. सोमवार को जारी इंटर परीक्षा परिणाम में विज्ञान, वाणिज्य और कला तीनों संकायों में विद्यालय का एक भी छात्र-छात्रा शीर्ष पांच में स्थान नहीं बना सका. यह लगातार पांचवां वर्ष है जब इस संस्थान का कोई विद्यार्थी टॉप-5 में शामिल नहीं हुआ.

पहले था दबदबा अब लगातार गिरावट

सिमुलतला विद्यालय का स्वर्णिम दौर 2017 से 2021 तक माना जाता है. जानकारी के अनुसार 2017 में टॉप-5 में 7 छात्र , 2018 में 7 छात्र, 2019 में 3 छात्र, 2020 में 6 छात्र और 2021 में 1 छात्र ने स्थान पाया. हालांकि 2022 के बाद से गिरावट का सिलसिला शुरू हुआ, जो 2026 तक लगातार जारी है. इस साल इंटर परीक्षा में विद्यालय से कुल 35 छात्र (विज्ञान),23 छात्र (कला) और 7 छात्र (वाणिज्य) से शामिल हुए थे. उम्मीद थी कि विद्यालय अपनी पुरानी पहचान वापस पाएगा, लेकिन परिणाम इसके उलट रहे.

ड्रीम प्रोजेक्ट पर उठे सवाल

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के ड्रीम प्रोजेक्ट के रूप में स्थापित यह विद्यालय हमेशा बेहतर परिणामों के लिए जाना जाता रहा है. परिणाम जारी होने से पहले पूरे राज्य की नजर इस पर टिकी थी, लेकिन इस बार भी निराशा हाथ लगी. दिलचस्प बात यह है कि शुरुआती वर्षों में सीमित संसाधनों, जर्जर भवन और कम शिक्षकों के बावजूद विद्यालय ने शानदार परिणाम दिए थे. वर्तमान में विद्यालय के पास आधुनिक भवन, विस्तृत परिसर, पर्याप्त शिक्षक और बेहतर सुविधाएं मौजूद हैं, फिर भी प्रदर्शन में गिरावट जारी है.

क्या है खराब प्रदर्शन की वजह

शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस गिरावट के पीछे कई कारण हो सकते हैं, जैसे शिक्षण व्यवस्था में बदलाव, बढ़ती प्रतिस्पर्धा, छात्रों पर दबाव और संसाधनों का सही उपयोग न होना खराब प्रदर्शन की वजह है.

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