NEET Student Murder : पप्पू यादव ने पटना में NEET छात्रा की संदिग्ध मौत के मामले में गंभीर आरोप लगाए हैं। फेसबुक लाइव के माध्यम से उन्होंने कहा कि यह आत्महत्या नहीं, बल्कि सुनियोजित हत्या का मामला है। उन्होंने ऐलान किया कि वे इस केस को सुप्रीम कोर्ट तक ले जाएंगे।
CCTV जांच और अस्पतालों की भूमिका पर सवाल
सांसद ने बिहार के गृह मंत्री सम्राट चौधरी से मामले की सीसीटीवी फुटेज की जांच कराने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रभात मेमोरियल अस्पताल और कुछ प्रशासनिक अधिकारियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। पप्पू यादव ने बोरिंग रोड की नागेश्वर कॉलोनी में रहने वाले संजय नामक एक नेता और गुप्ता नाम के एक अन्य व्यक्ति का जिक्र किया, हालांकि उनके पूरे नाम सार्वजनिक नहीं किए।
इलाज और मेडिकल प्रोटोकॉल पर गंभीर आरोप
सांसद का दावा है कि छात्रा को इलाज के दौरान कथित तौर पर सेडेटिव इंजेक्शन दिए गए। उन्होंने कहा कि संदिग्ध ओपिओइड पॉइजनिंग का मामला बताया गया, लेकिन जरूरी जांच और एंटीडोट समय पर नहीं दिया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बिना परिवार की अनुमति के प्रेग्नेंसी टेस्ट कराया गया। रिपोर्ट नेगेटिव आने के बाद सबूत मिटाने के लिए गलत दवाइयां देने की कोशिश की गई। पप्पू यादव ने मेदांता समेत अन्य चिकित्सा संस्थानों पर भी प्रोटोकॉल का पालन न करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि छात्रा को लगातार सेडेटिव और Kitmex 50mg इंजेक्शन दिए गए, जबकि वह पहले से बेहोशी की हालत में थी।
ICU रिकॉर्ड सार्वजनिक करने की मांग
फेंटेनिल इंजेक्शन दिए जाने पर सवाल उठाते हुए सांसद ने ICU में दी गई दवाओं का पूरा रिकॉर्ड सार्वजनिक करने की मांग की। उन्होंने कहा कि SIT और CID की जांच को कमजोर किया गया और जब मामला CBI को सौंपा गया तो कुछ लोगों में बेचैनी क्यों दिखी, इसकी भी जांच होनी चाहिए। हालांकि, सांसद के इन आरोपों पर संबंधित अस्पतालों या प्रशासन की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मामले की जांच जारी है।