पटना में दो भाइयों की गोली मारकर हत्या…कानून-व्यवस्था पर फिर उठे सवाल, विधानसभा में गरमाई सियासत

Bihar crime news : राजधानी पटना में हुए दोहरे हत्याकांड ने बिहार की कानून-व्यवस्था को लेकर नई बहस छेड़ दी है। सिटी इलाके में एक शादी के रिसेप्शन में शामिल होने गए दो भाइयों मनीष और मनजीत की कथित तौर पर जमीनी विवाद और आपसी रंजिश में गोली मारकर हत्या कर दी गई। बताया जा रहा है कि हमलावर मृतकों के ही गोतिया पक्ष से जुड़े थे। मीडिया रिपोर्ट में प्रत्यक्षदर्शियों के हवाले से कहा गया कि पहले विवाद हुआ और फिर करीब दो दर्जन राउंड फायरिंग की गई। घटना के बाद आरोपी फरार हो गए। इस घटना के बाद विपक्ष ने सरकार पर हमला तेज कर दिया है। मामला मंगलवार को बिहार विधानसभा और बिहार विधान परिषद में भी गूंजा।

तेजस्वी यादव और राबड़ी देवी का सरकार पर हमला

पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने विधान परिषद पहुंचकर राज्य सरकार पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि पटना में आए दिन हत्याएं हो रही हैं और सरकार कानून-व्यवस्था संभालने में विफल साबित हो रही है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर वर्तमान शासन को रामराज कहा जा रहा है तो फिर इस तरह की घटनाएं क्यों हो रही हैं। उन्होंने अपने कार्यकाल को जंगलराज कहे जाने पर भी पलटवार करते हुए कहा कि उस दौर में इस तरह की घटनाएं नहीं होती थीं। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बिहार में रोज हत्या, अपहरण और दुष्कर्म की घटनाएं हो रही हैं, लेकिन सरकार हर बार वही पुराना जवाब देती है कि कानून अपना काम कर रहा है। तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि 21 वर्षों से एनडीए की सरकार के बावजूद बिहार देश का सबसे गरीब और बेरोजगार राज्य बना हुआ है। उन्होंने बजट को लेकर भी सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार के पास कर्मचारियों को वेतन देने तक के संसाधन कम पड़ सकते हैं।

विपक्ष के सावल पर सरकार का पलटवार

वहीं बिहार सरकार में मंत्री लखेंद्र पासवान ने विपक्ष के आरोपों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि राज्य में सुशासन कायम है और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब भी किसी अपराधी का एनकाउंटर होता है, तब विपक्ष के कुछ नेता उसे अपना संबंधी या जातिगत पहचान से जोड़ने लगते हैं। मंत्री ने सवाल किया कि विपक्ष यह स्पष्ट करे कि वह सुशासन के साथ है या फिर जंगलराज की वापसी चाहता है।

हाल की अन्य घटनाओं से भी बढ़ी चिंता

राजधानी में हाल के महीनों में कई चर्चित मामले सामने आए हैं। एक नीट छात्रा की संदिग्ध मौत का मामला अभी तक पूरी तरह सुलझ नहीं पाया है और इसकी जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) कर रही है। इससे पहले फुलवारी शरीफ में एक छात्रा की छत से गिरकर मौत का मामला भी सवालों के घेरे में रहा। इन घटनाओं के बाद विपक्ष लगातार दावा कर रहा है कि राज्य में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और कानून का भय कम होता दिख रहा है। हालांकि सरकार का कहना है कि हर मामले में कार्रवाई हो रही है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।

कानून-व्यवस्था पर जारी राजनीतिक घमासान

पटना में दो भाइयों की हत्या के बाद बिहार में एक बार फिर से कानून-व्यवस्था को लेकर सियासत और तेज हो गई है। विपक्ष जहां सरकार को घेरने में जुटा है, वहीं सरकार अपने सुशासन के दावे पर कायम है। अब देखना होगा कि पुलिस इस दोहरे हत्याकांड में आरोपियों को कब तक गिरफ्तार करती है और क्या इससे राज्य में अपराध को लेकर उठ रहे सवालों पर विराम लग पाता है या नहीं।

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