Jwalamukhi News : अफ्रीका के देश इथियोपिया में Hayli Gubbi नाम का एक ज्वालामुखी फटा है। इसके फटने से आसमान में बहुत ऊंचाई तक राख और सल्फर डाइऑक्साइड (SO₂) का बड़ा बादल बन गया। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इथियोपिया का हायली गुब्बी ज्वालामुखी लगभग 10,000 साल बाद फटा है. विस्फोट की भयानकता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इस दौरान राख का विशाल गुबार 10 से 15 किलोमीटर की ऊंचाई तक आकाश में उठ गया. वैज्ञानिकों के अनुसार यह दुर्लभ प्राकृतिक घटना का असर आसपास के क्षेत्रों के मौसम और वायु गुणवत्ताओं पर पड़ सकता है.
राख भारत तक कैसे पहुँची?
विस्फोट के बाद हवा की तेज़ गति (लगभग 100–120 किमी/घंटा) ने इस राख के बादल को पश्चिम से पूर्व की ओर धकेल दिया. यह बादल बहुत ऊँचाई (25,000–45,000 फीट) पर था, इसलिए यह समुद्र पार करते हुए भारत तक पहुँच गया।
भारत में कहां-कहां असर पड़ा?
राख का बादल सबसे पहले गुजरात की तरफ पहुँचा। इसके बाद हवा के साथ इसका असल गुजरात, राजस्थान, उत्तर-पश्चिम महाराष्ट्र, दिल्ली-NCR, हरियाणा और पंजाब तक देखा गया है.
क्या इस राख से लोगों को नुकसान होगा?
विशेषज्ञों के अनुसार यह राख बहुत ऊँचाई पर है, इसलिए जमीन के स्तर पर हवा की क्वालिटी पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा। लेकिन आपको आसमान में हल्की धुंध जैसा असर दिख सकता है। इसका ज़्यादा खतरा हवाई जहाज़ों को है, क्योंकि राख इंजन को नुकसान पहुंचा सकती है। इसी वजह से DGCA ने एयरलाइंस को सावधानी बरतने को कहा है। और ज्यादातर उड़ाने रद्द कर दी गई हैं.
किन बातों का ध्यान रखें?
आम लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। अगर आपके शहर में AQI खराब है तो मास्क पहनें और बाहर कम जाएं। उड़ान भरने वाले यात्रियों को फ्लाइट में देरी या रूट बदलने की स्थिति का सामना करना पड़ सकता है।