Exercise Guidelines : एक्सरसाइज हर उम्र के लोगों के लिए जरूरी है, लेकिन कितनी फिजिकल एक्टिविटी ज्यादा हो जाती है, यह समझना बेहद महत्वपूर्ण है. हाल ही में बॉलीवुड एक्टर गोविंदा हैवी एक्सरसाइज के चलते बेहोश होकर हॉस्पिटल में भर्ती हुए थे. डिस्चार्ज होने के बाद उन्होंने बताया कि ज्यादा वर्कआउट से अत्यधिक थकान हुई और उनका ब्लड प्रेशर अचानक गिर गया. यह घटना लोगों के मन में एक बड़ा सवाल खड़ा करती है, आखिर किस उम्र में कितनी एक्सरसाइज करनी चाहिए? इसी बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने उम्र के हिसाब से फिजिकल एक्टिविटी की विस्तृत गाइडलाइन जारी की है, जिसमें बताया गया है कि बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, सभी के लिए कितना एक्सरसाइज पर्याप्त माना जाता है.
बच्चे और किशोर के लिए कितना जरूरी है एक्सरसाइज
WHO के अनुसार, इस उम्र समूह के बच्चों और किशोरों को कम से कम 60 मिनट प्रतिदिन मीडियम इंटेंसिटी वाली फिजिकल एक्टिविटी करनी चाहिए. हफ्ते में कम से कम 3 दिन एरोबिक एक्टिविटीज शामिल हों, ऐसी गतिविधियाँ जरूरी हैं जो हड्डियों और मसल्स को मजबूत करें इसके लिए साइकलिंग, रनिंग, स्विमिंग जैसी एक्टिविटीज सबसे बेहतर मानी जाती हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि इस उम्र में एक्टिविटी की कमी से मोटापा, डायबिटीज और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े खतरे बढ़ जाते हैं.
वयस्क के लिए कितना जरूरी है
वयस्कों के लिए WHO ने दो विकल्प सुझाए हैं, मीडियम इंटेंसिटी एक्टिविटी जैसे की हफ्ते में 150 से 300 मिनट और हाई इंटेंसिटी एक्टिविटी यानी हफ्ते में 75 से 150 मिनट. इसके अलावा, हफ्ते में कम से कम 2 दिन वेट ट्रेनिंग मसल्स स्ट्रेंथ बढ़ाने वाली एक्सरसाइज जैसे स्क्वाट्स, पुश-अप्स, डम्बल्स आवश्य हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि ऑफिस जॉब करने वाले लोगों में लम्बे समय तक बैठने की आदत साइलेंट किलर है. ऐसे में ब्रेक मूवमेंट यानी हर 1 घंटे में 2-3 मिनट की वॉक जरूरी बताई गई है.
65 वर्ष से अधिक वरिष्ठ नागरिक
बुजुर्गों के लिए गाइडलाइन लगभग वयस्कों जैसी ही है. हफ्ते में 150 से 300 मिनट मीडियम इंटेंसिटी एक्सरसाइज हफ्ते में 2 से 3 बार वेट ट्रेनिंग ताकि मसल्स लॉस को रोका जा सके. बैलेंस एक्सरसाइज (जैसे ताई-ची, बैलेंस वॉक) गिरने की संभावना कम करती हैं डॉक्टरों का मानना है कि नियमित हल्की एक्सरसाइज बुजुर्गों में हड्डियों की मजबूती और दिल की सेहत में सुधार लाती है.
प्रेग्नेंट महिलाओं के लिए कितना जरूरी है व्यायाम
WHO के अनुसार हर हफ्ते 150 मिनट मीडियम इंटेंसिटी एरोबिक एक्सरसाइज जरूरी है. सुरक्षित वर्कआउट जैसे वॉकिंग, प्रेग्नेंसी योग, हल्की स्ट्रेंथ ट्रेनिंग इसके साथ कोई भी हाई-रिस्क एक्सरसाइज शुरू करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूरी है. विशेषज्ञ बताते हैं कि प्रेग्नेंसी में नियमित वर्कआउट से रक्त परिसंचरण बेहतर होता है, तनाव घटता है और प्रसव के दौरान जटिलताओं का खतरा कम होता है.
एक्सरसाइज शुरू करने से पहले किन बातों का रखें ध्यान?
अगर कोई व्यक्ति पहली बार एक्सरसाइज शुरू कर रहा है या घबराहट महसूस करता है, तो हल्की स्ट्रेचिंग और धीमी वॉक से शुरुआत करनी चाहिए. एक बार में 30-40 मिनट एक्सरसाइज को जरूरी न समझें. दिनभर में कई छोटे-छोटे समय पर एक्टिविटी कर सकते हैं. धीरे-धीरे इंटेंसिटी बढ़ाएँ. अत्यधिक वर्कआउट शरीर पर दबाव डालकर थकान, चक्कर, मांसपेशियों में चोट जैसे खतरे बढ़ा सकता है वहीं, बिल्कुल बिना एक्सरसाइज के जीवनशैली से दिल की बीमारी, मोटापा और डायबिटीज का खतरा कई गुना बढ़ जाता है WHO का मानना है कि संतुलित एक्सरसाइज ही स्वास्थ्य के लिए सबसे उपयुक्त है एक्सरसाइज जितनी जरूरी है, उतना ही जरूरी है सही मात्रा में करना. उम्र, क्षमता और स्वास्थ्य को ध्यान में रखकर सही वर्कआउट प्लान ही शरीर के लिए सुरक्षित और फायदेमंद है. विशेषज्ञों की सलाह है कि बिना तैयारी या ओवर-कॉन्फिडेंस में हैवी वर्कआउट न करें. जरूरत पड़े तो डॉक्टर या फिटनेस एक्सपर्ट से सलाह लेकर ही अपनी दिनचर्या तय करें.