Missile technology : डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गेनाइजेशन (DRDO) ने ओडिशा के चांदीपुर स्थित इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज (ITR) से पिनाका लॉन्ग रेंज गाइडेड रॉकेट (LRGR-120) का पहला सफल उड़ान परीक्षण किया है. इस उपलब्धि को भारतीय सेना की भविष्य की युद्ध क्षमता को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है. पिनाका रॉकेट सिस्टम का नाम भगवान शिव के धनुष ‘पिनाका’ पर रखा गया है. शुरुआत में यह एक अनगाइडेड मल्टी बैरल रॉकेट लॉन्चर सिस्टम था, जिसकी मारक क्षमता लगभग 40 किलोमीटर तक सीमित थी. अब डीआरडीओ ने इसे आधुनिक तकनीक से लैस गाइडेड स्वरूप में विकसित किया है, जिसकी रेंज बढ़कर 120 किलोमीटर तक पहुंच गई है.
कई प्रयोगशालाओं का संयुक्त प्रयास
पिनाका LRGR-120 का विकास डीआरडीओ की कई प्रमुख प्रयोगशालाओं के सहयोग से किया गया है. इसमें पुणे स्थित आर्मामेंट रिसर्च एंड डेवलपमेंट एस्टैब्लिशमेंट (ARDE), हैदराबाद की डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट लैब (DRDL) और रिसर्च सेंटर इमारत (RCI) की अहम भूमिका रही है. इस गाइडेड रॉकेट की सबसे बड़ी खासियत इसकी लंबी रेंज और अत्यधिक सटीकता है. पिनाका LRGR-120 में उन्नत नेविगेशन, गाइडेंस और कंट्रोल सिस्टम लगाए गए हैं, जिससे यह महज 10 मीटर के दायरे में लक्ष्य को भेदने में सक्षम है. यह क्षमता इसे पारंपरिक रॉकेट सिस्टम की तुलना में कहीं ज्यादा प्रभावी बनाती है.
ये भी पढ़ें : भारत का वो डिफेंस सिस्टम जिसका तोड़ निकालने में छूट रहा दुश्मनों के पसीने…क्या है आकाश प्राइम की खासियत
चीन-पाकिस्तान सीमा पर रणनीतिक बढ़त
साल 2021 के बाद चीन की ओर से 300 किलोमीटर रेंज वाले रॉकेट सिस्टम की तैनाती के मद्देनजर भारतीय सेना ने डीआरडीओ से 120 और 300 किलोमीटर रेंज वाले पिनाका रॉकेट विकसित करने का अनुरोध किया था. पिनाका LRGR-120 की सफलता भारत को चीन और पाकिस्तान की सीमाओं पर रणनीतिक और सैन्य बढ़त दिलाने में अहम भूमिका निभाएगी. पिनाका रॉकेट सिस्टम की बढ़ती क्षमता ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी ध्यान खींचा है. फ्रांस ने पिनाका Mk-3 में रुचि दिखाई है, जिससे भारत-फ्रांस रक्षा सहयोग को नई मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है.
आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बड़ा कदम
पिनाका LRGR-120 का सफल परीक्षण आत्मनिर्भर भारत अभियान की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है. यह न सिर्फ स्वदेशी रक्षा तकनीक की ताकत को दर्शाता है, बल्कि भारतीय सेना को आधुनिक युद्ध के लिए एक अत्याधुनिक और शक्तिशाली हथियार भी प्रदान करता है.