Bihar politics : संसद में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को बोलने से रोके जाने के मुद्दे पर जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर (Prashant Kishor) ने केंद्र सरकार की आलोचना की है. उन्होंने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताया.
प्रशांत किशोर ने क्या कहा
मीडिया से बातचीत में प्रशांत किशोर ने कहा कि राहुल गांधी विपक्ष के नेता हैं और लोकतंत्र में विपक्ष की भूमिका उतनी ही महत्वपूर्ण है जितनी सत्ता पक्ष की. उन्होंने कहा कि जब भी चुनाव होता है, जनता सिर्फ सत्ता पक्ष का चुनाव नहीं करती, बल्कि विपक्ष का भी चुनाव करती है. राहुल गांधी से किसी का वैचारिक मतभेद हो सकता है, लेकिन लोकतंत्र के लिए ज़रूरी है कि विपक्ष के नेता को बोलने से न रोका जाए.
बोलने से रोकना उचित नहीं
उन्होंने आगे कहा कि यदि सरकार को राहुल गांधी की किसी टिप्पणी पर आपत्ति थी, तो उनके वक्तव्य को रिकॉर्ड से हटाया जा सकता था. अगर राहुल गांधी सदन में कुछ बोल रहे थे और सरकार को वह गलत लग रहा था, तो बोलने के बाद उसे रिकॉर्ड से हटा देते. उन्होंने कहा कि बोलने से रोकना उचित नहीं है. यह लोकतंत्र के लिए घातक है. प्रशांत किशोर ने दोहराया कि विपक्ष के नेता को अपनी बात रखने का अधिकार है और उन्हें रोकना सरकार की गलती थी.
नरवणे की अप्रकाशित पुस्तक पर भी दी प्रतिक्रिया
जनरल मुकुंद नरवणे की अप्रकाशित पुस्तक के अंश पढ़े जाने के मुद्दे पर भी प्रशांत किशोर ने प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि जिस पुस्तक का उल्लेख किया गया, उसका संदर्भ पहले से सार्वजनिक डोमेन में मौजूद था. उन्होंने स्पष्ट करते हुए कहा कि राहुल गांधी ने सदन में जो कहा, वह सीधे किताब से नहीं बल्कि एक मैगजीन में प्रकाशित लेख के हवाले से कहा गया था, जिसमें उस पुस्तक का संदर्भ दिया गया था.