Vladimir Putin India visit : रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भारत के आधिकारिक दौरे पर राजधानी नई दिल्ली पहुंच रहे हैं। इस दौरे के दौरान वे 23वां भारत-रूस शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। यह वार्षिक शिखर बैठक भारत और रूस के बीच द्विपक्षीय रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा देने के लिहाज से बेहद अहम मानी जा रही है।
दोनों देश के बीच 9 बड़ी डील संभव
भारत और रूस के बीच रणनीतिक साझेदारी एक बार फिर नए शिखर की ओर बढ़ती नजर आ रही है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच होने वाली उच्चस्तरीय बातचीत को लेकर कूटनीतिक गलियारों में बड़ी हलचल है। दोनों देशों के बीच रक्षा, नौसेना, डिजिटल पेमेंट, रोजगार और औद्योगिक निर्माण से जुड़ी करीब 9 अहम डील्स पर सहमति बनने की संभावना जताई जा रही है।
- भारत को मिल सकता है S-400 एयर डिफेंस सिस्टम
भारत रूस से एक और S-400 एयर डिफेंस सिस्टम खरीद सकता है। यह सिस्टम दुश्मन के फाइटर जेट, ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइल को हवा में ही नष्ट करने की क्षमता रखता है। इससे भारत की हवाई सुरक्षा और मजबूत होगी।
- भारत को मिल सकते हैं Su-57 स्टेल्थ फाइटर जेट
रूस अपने अत्याधुनिक फिफ्थ जनरेशन स्टेल्थ फाइटर Su-57 फाइटर जेट भारत को देने पर विचार कर सकता है। सूत्रों के मुताबिक भारत 2 से 3 स्क्वाड्रन खरीद सकता है, जिससे वायुसेना की स्ट्राइक क्षमता कई गुना बढ़ जाएगी।
- रूस से वोरोजेन रडार सिस्टम की डील
भारत रूस से वोरोजेन अर्ली वार्निंग रडार सिस्टम खरीदने की तैयारी में है। यह सिस्टम हजारों किलोमीटर दूर से मिसाइल लॉन्च को ट्रैक कर सकता है, जिससे भारत को रणनीतिक बढ़त मिलेगी।
- नौसेना अभ्यास में होगा बड़ा विस्तार
भारत और रूस की नौसेनाएं आने वाले समय में अरब सागर और हिंद महासागर क्षेत्र में संयुक्त समुद्री अभ्यास और व्यापक स्तर पर करेंगी। इससे पनडुब्बी रोधी युद्ध, समुद्री निगरानी और युद्धक अभ्यास को मजबूती मिलेगी।
- रूस में चल सकता है भारत का RuPay कार्ड
भारत का घरेलू पेमेंट सिस्टम RuPay अब रूस में भी काम कर सकता है। इससे वहां रह रहे भारतीय नागरिकों और व्यापारियों को बड़ा फायदा मिलेगा।
- भारत में भी चलेगा रूस का MIR कार्ड
इसके बदले रूस का MIR कार्ड भारत में इस्तेमाल किया जा सकेगा। इससे दोनों देशों के बीच पर्यटन और व्यापार को नया बल मिलेगा।
- UPI और रूस के FPS सिस्टम को जोड़ा जाएगा
भारत के UPI को रूस के फास्ट पेमेंट सिस्टम (FPS) से जोड़ा जा सकता है। ऐसा होने पर सीमा पार डिजिटल लेन-देन बहुत आसान हो जाएगा और डॉलर पर निर्भरता घटेगी।
- भारतीय मजदूरों को रूस में रोजगार का मौका
सूत्रों के अनुसार भारत और रूस के बीच श्रम समझौता हो सकता है, जिसके तहत भारतीय श्रमिकों को रूस में रोजगार के नए अवसर मिलेंगे, खासकर निर्माण, इंजीनियरिंग और औद्योगिक क्षेत्रों में।
- विमान और समुद्री जहाज निर्माण में नई पार्टनरशिप
भारत और रूस युद्धपोत, मालवाहक जहाज और विमान निर्माण के क्षेत्र में नई साझा परियोजनाएं शुरू कर सकते हैं। इससे मेक इन इंडिया को भी जबरदस्त बढ़ावा मिलेगा।
क्या है इस साझेदारी का रणनीतिक महत्व?
विशेषज्ञों का मानना है कि यूक्रेन युद्ध के बाद पश्चिमी देशों से प्रतिबंध झेल रहे रूस के लिए भारत एक बड़ा भरोसेमंद साझेदार बना हुआ है। वहीं भारत को भी रक्षा आत्मनिर्भरता, ऊर्जा सुरक्षा और वैश्विक शक्ति संतुलन बनाए रखने के लिए रूस का सहयोग रणनीतिक रूप से जरूरी है। यदि ये 9 डील्स औपचारिक रूप से मंजूरी पाती हैं, तो यह भारत-रूस रिश्तों के इतिहास की सबसे बड़ी बहुआयामी साझेदारी मानी जाएगी। इसका असर न सिर्फ रक्षा और कूटनीति पर पड़ेगा, बल्कि आम नागरिकों को डिजिटल पेमेंट, रोजगार और व्यापार में भी सीधे फायदे मिलेंगे।