पटना। मुजफ्फरपुर जिले के पारू प्रखंड के सरैया पंचायत चांद पूरा में एक सरकारी अस्पताल, जो कि करोड़ों रुपये की लागत से 15 साल पहले बनाया गया था, अब खंडहर में तब्दील हो गया है। यह अस्पताल न केवल उद्घाटन के बिना ही छोड़ दिया गया है, बल्कि इसके अधिकांश हिस्से चोरों द्वारा चुराए जा चुके हैं और यह असामाजिक तत्वों का अड्डा बन चुका है। हैरान करने वाली बात है कि इस अस्पताल की जानकारी स्वास्थ विभाग को भी नहीं हैं।
स्वास्थ विभाग को नहीं है अस्पताल की जानकारी
ज्ञात हो कि अस्पताल 6 एकड़ के प्लॉट पर स्थित है और इसमें 30 बेड की सुविधा, आधुनिक उपकरण और अन्य सुविधाएं प्रदान की गई थीं। हालांकि, अस्पताल का निर्माण 2008 में पूरा हुआ था, लेकिन स्वास्थ्य विभाग ने इसे अब तक टेक ओवर नहीं किया है। इस कारण, अस्पताल में आज तक एक भी मरीज का इलाज नहीं हुआ है। खास बात यह है कि स्वास्थ विभाग को भी इस अस्पताल के बारे में कोई जानकारी नहीं है।
मरीजों के इलाज के बदले खंडहर में तब्दील हुआ अस्पताल
गांव के निवासी ने बताया कि यह बाढ़ प्रभावित क्षेत्र है और यहां की आबादी लगभग 1 लाख है। जब यह अस्पताल बन रहा था, तो स्थानीय लोगों को उम्मीद थी कि अब उन्हें बेहतर इलाज के लिए 50 किलोमीटर दूर शहर नहीं जाना पड़ेगा। लेकिन, अस्पताल चालू नहीं होने के कारण यह एक भव्य खंडहर में तब्दील हो गया है। वर्तमान में, अस्पताल की खिड़कियाँ, दरवाजे, ग्रिल, गेट, और अन्य उपकरण चोर ले जा चुके हैं, और अस्पताल के आसपास का क्षेत्र जंगल में बदल गया है।
जांच के लिए टीम गठित
स्थानीय प्रशासन ने इस गंभीर मामले का संज्ञान लिया है। एसडीओ पश्चिमी ने बताया कि यह मामला गंभीर है और इसकी पूरी जानकारी उन्हें नहीं है। जिलाधिकारी ने इस मुद्दे की जांच के लिए एक टीम गठित की है। सिविल सर्जन और अन्य संबंधित अधिकारी भी इस मामले की जांच कर रहे हैं। जांच के बाद ही इस मुद्दे पर विस्तृत जानकारी सामने आएगी और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। इस मामले ने सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति जनता की उम्मीदों को एक बार फिर धराशायी कर दिया है, और क्षेत्र के लोगों को इलाज के लिए अब भी शहर की ओर रुख करना पड़ रहा है।