गंगा किनारे बसा बूढ़ानाथ मंदिर — जहां भक्तों की हर मनोकामना होती है पूरी … जाने पूरी कहानी

Bhagalpur: भागलपुर का इतिहास काफी प्राचीन है . ऐसे में यहां पर कई ऐसी चीजें भी है जो देखकर आपका मन प्रसन्न हो जाएगा . वहीं आज भी भागलपुर वासियों के दिल में बसने वाला है बाबा वृद्धेश्वरनाथ (बूढ़ानाथ) . अगर आप भी इसे ड्रोन से देखते है तो इसका नजारा बिल्कुल अलग ही दिखता है . शहर के बीच व गंगा के किनारे बसे इस मंदिर की महिमा अपरंपार है .

शादी के रिश्तों के लिए फेमस

यह मंदिर शहर के प्राचीन मंदिरों में से एक है . साथ ही इसी मंदिर में सभी माह में भक्तों की भीड़ लगती रहती है . लेकिन सावन में इसका विशेष महत्व है . इसी मान्यताएं है कि सावन में यह आकर जलाभिषेक करने पर आपकी सारी मनोकामनाएं पूरी हो जाती है . इस मंदिर की सबसे खास विशेषता है कि जिसकी शादी तय नहीं होती है वो यह आकर शादी तय करे , तो उनकी शादी फिक्स हो जाती है . इसके साथ ही इस मंदिर में भक्तों की हर एक मुरादे पूरी होती है .

भागलपुर की रक्षा करते हैं बूढ़ानाथ

बूढ़ानाथ मंदिर के पुजारी दयानंद झा बताते है कि बूढ़ानाथ को बाबा वृद्धेश्वर नाथ के नाम से भी जाना जाता है . इसी मान्यता है कि यह भागलपुर की रक्षा करते है . इसलिए इनका नाम वृद्धेश्वरनाथ पड़ा है . कहते है कि ये भगवान राम के काल का पूर्व मंदिर है . इस मंदिर को स्थापना भगवान राम के गुरु वशिष्ठ ने की थी . कहा जाता है गुरु वशिष्ठ ने भगवान राम के अवतार के लिए 108 शिवलिंग की स्थापना की थी . जिसमें एक शिवलिंग यह भी था . इसके लिए भी यह मंदिर खास माना जाता है .

रुद्राक्ष के आकार का है यह शिवलिंग

उन्होंने बताया कि यह शिवलिंग आम शिवलिंग से अलग है . दरअसल अक्सर शिवलिंग प्लान होता है . लेकिन यह शिवलिंग पूरी तरीके से रुद्राक्ष के आकार का है . इसलिए भी यह मंदिर काफी खास है . यहां पर आपकी सभी मनोकामना पूरी होती है .

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