पटना।बिहार Bueacracy में बड़ा बदलाव होने वाली है। राज्य को जल्द ही नया मुख्य सचिव (chief secretary) और नया DGP मिल सकता है। वर्तमान मुख्य सचिव ब्रजेश मेहरूत्रा 31 अगस्त को सेवानिवृत्त होंगे। मुख्य सचिव स्तर के बिहार कैडर के 15 आईएएस अधिकारियों में से सात वर्तमान में बिहार के विभिन्न विभागों में अपर मुख्य सचिव के पद पर कार्यरत हैं, जबकि आठ विभिन्न मंत्रालयों में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर हैं।
31 अगस्त को खत्म हो रहा Chief Secretary का कार्यकाल
नए Chief Secretary के लिए जिन नामों पर विचार किया जा रहा है उनमें चैतन्य प्रसाद, संजय कुमार, एस सिद्धार्थ, प्रत्यय अमृत, केके पाठक और राजित पुन्हानी शामिल हैं। ऐसी भी अटकलें हैं कि वर्तमान मुख्य सचिव ब्रजेश मेहरूत्रा को सेवा विस्तार मिल सकता है। इससे पहले भी बिहार में कई मुख्य सचिवों का कार्यकाल बढ़ाया जा चुका है। वहीं अमृत लाल मीना, सुनील बर्थवाल, अंशुली आर्या और सुजाता चतुर्वेदी जैसे केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर गए अधिकारियों के मुख्य सचिव बनने के लिए बिहार लौटने की संभावना नहीं है। इस बीच, बिहार के वर्तमान डीजीपी आरएस भट्टी का भी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाना तय है।
इस IPS अधिकारी को बनाया जा सकता राज्य का DGP
20 दिसंबर 2022 को DGP नियुक्त किए गए भट्टी सितंबर 2025 तक सेवा दे सकते थे, लेकिन उन्होंने केंद्रीय प्रतिनियुक्ति की इच्छा व्यक्त की है। नए डीजीपी पद के लिए जिन नामों पर विचार किया जा रहा है उनमें वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी विनय कुमार, आलोक राज और शोभा अहुतकर शामिल हैं। डीजीपी की भूमिका के लिए सबसे आगे 1991 बैच के आईपीएस अधिकारी विनय कुमार हैं, जो वर्तमान में बिहार पुलिस भवन निर्माण निगम के DG के रूप में कार्यरत हैं।1990 बैच की आईपीएस अधिकारी शोभा अहुतकर, जो वर्तमान में बिहार होमगार्ड और फायर ब्रिगेड की DG हैं और 1989 बैच के आईपीएस अधिकारी आलोक राज, जो वर्तमान में बिहार विजिलेंस ब्यूरो के DG हैं।
इन IPS अफसरों का हुआ तबादला
अन्य प्रशासनिक बदलावों में, कुछ आईएएस अधिकारियों का तबादला किया गया है, और अतिरिक्त जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। पटना के आयुक्त और भवन निर्माण विभाग के सचिव कुमार रवि को भवन निर्माण विभाग के अतिरिक्त प्रभार के साथ सचिव के रूप में मुख्यमंत्री सचिवालय में स्थानांतरित किया गया है। मयंक वरवड़े को पटना का नया आयुक्त नियुक्त किया गया है। वंदना प्रेयसी और पंकज पाल की विभागीय जिम्मेदारी भी बदल दी गई है।