लेटरल एंट्री को लेकर NDA में तकरार, नीतीश- चिराग के निशाने पर BJP

पटना। केंद्र सरकार में लेटरल एंट्री के जरिए संयुक्त सचिव, निदेशक और उप सचिव के 45 रिक्त पदों पर सीधी भर्ती का मुद्दा NDA के भीतर दरार पैदा कर रहा है। अलग-अलग दलों के नेता अलग-अलग बयानों के जरिए अपना रुख स्पष्ट कर रहे हैं। कांग्रेस और RJD जैसे विपक्षी दलों ने जहां सरकार के फैसले की आलोचना की है, वहीं NDA के सहयोगी दल भी इसका विरोध कर रहे हैं।

लेटरल एंट्री को लेकर क्या है नीतीश और चिराग का पक्ष

जदयू और चिराग पासवान ने अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा कि सरकार के सदस्य के तौर पर वह यह स्पष्ट करना चाहते हैं कि प्रधानमंत्री का रुख आरक्षण के खिलाफ नहीं हो सकता। कैबिनेट की बैठक में इस बात की पुष्टि की गई कि डॉ. बीआर अंबेडकर द्वारा आरक्षण को लेकर किए गए प्रावधान लागू रहेंगे। सरकार और प्रधानमंत्री का रुख आरक्षण के पक्ष में है। लेटरल एंट्री को लेकर चिराग पासवान ने कहा कि वह और उनकी पार्टी इसके पूरी तरह खिलाफ हैं। वे आरक्षण को ध्यान में न रखने वाले कुछ पदों पर सीधी भर्ती का विरोध करते हैं।

सरकार के फैसले विपक्ष को प्रचार के लिए मुद्दे मुहैया करा रहे : JDU

चिराग पासवान ने कहा कि सरकार का हिस्सा होने के नाते उन्होंने उचित माध्यमों से अपनी चिंताएं दर्ज कराई हैं और भविष्य में भी मजबूती से अपनी आवाज उठाते रहेंगे। किसी भी सरकारी नौकरी में नियुक्ति में आरक्षण के प्रावधानों पर विचार करना जरूरी है और यह प्रथा सभी भर्तियों में जारी रहनी चाहिए। इस बीच, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी ने भी इस पर प्रतिक्रिया दी है। जेडीयू के वरिष्ठ नेता केसी त्यागी ने टिप्पणी की कि लेटरल एंट्री के विज्ञापन का दुरुपयोग किया जाएगा, जिससे राहुल गांधी पिछड़े वर्गों के चैंपियन बन जाएंगे। त्यागी का मानना ​​है कि सरकार के फैसले विपक्ष को प्रचार के लिए मुद्दे मुहैया करा रहे हैं।

(क्रेडिट -मीडिया इनपुट)

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *