पश्चिम बंगाल बंगाल में दुर्गा पूजा का क्रेज पूरे भारत में सबसे ज्यादा देखने को मिलता है। खासकर कोलकाता में हर गली, हर मोहल्ले और हर चौराहे पर सजने वाले भव्य पंडाल इस त्योहार को और भी खास बना देते हैं। यहां न सिर्फ धार्मिक आस्था का संगम होता है, बल्कि क्रिएटिविटी, आर्ट और सोशल मैसेज भी लोगों तक पहुंचाए जाते हैं। इस बार कोलकाता की दुर्गा पूजा में कई अनोखी थीम और भव्य सजावट देखने को मिल रही है। आइए जानते हैं उन 10 आइकॉनिक पंडालों के बारे में, जिन्हें जरूर देखना चाहिए।
मोहम्मद अली पार्क दुर्गा पूजा
कोलकाता की सबसे पॉपुलर दुर्गा पूजा में से एक है मोहम्मद अली पार्क। यहां हर साल पंडाल की सजावट इतनी भव्य और खूबसूरत होती है कि यह लोगों की “मस्ट वॉच” लिस्ट में शामिल हो जाता है। यहां की भीड़, लाइटिंग और आर्टवर्क का अनुभव ऐसा है जो सीधे दिल को छू जाता है।
दमदम पार्क तरुण संघ
दमदम पार्क का तरुण संघ पंडाल अपनी रंग-बिरंगी सजावट और देवी दुर्गा के अलग-अलग रूपों के लिए मशहूर है। यहां आने वालों को सिर्फ पूजा का ही नहीं बल्कि मेले का भी पूरा मज़ा मिलता है। लाइव शो, बाजार और मस्ती से भरा माहौल इस जगह को और खास बना देता है।
सुरुचि संघ
कोलकाता का सुरुचि संघ पंडाल हमेशा अपनी यूनिक थीम के लिए जाना जाता है। हर साल यह पंडाल भारत के किसी राज्य की झलक को सामने लाता है। 2003 में इसे बेस्ट डेकोरेशन का अवॉर्ड भी मिल चुका है। यहां की थीमेटिक सजावट लोगों को अलग-अलग संस्कृति और परंपराओं से जोड़ती है।
एकदालिया एवरग्रीन
1943 में शुरू हुआ एकदालिया एवरग्रीन पंडाल आज भी अपनी परंपरा और भव्यता को बनाए हुए है। यहां की सबसे बड़ी खासियत है – कोलकाता की सबसे ऊंची दुर्गा प्रतिमा। यह पंडाल पुराने रीति-रिवाज़ों के साथ हर साल हजारों श्रद्धालुओं को अपनी ओर खींचता है।
नलिन सरकार पंडाल
नलिन सरकार पंडाल हमेशा से अपनी प्रकृति और विरासत को दर्शाने वाली थीम के लिए मशहूर है। यहां रंग-बिरंगी सजावट, क्रिएटिव डिजाइन और मिट्टी से बनी सुंदर दुर्गा प्रतिमा हर किसी को आकर्षित करती है। हर साल इस पंडाल की सजावट एक नए मैसेज और क्रिएटिविटी की झलक दिखाती है।
लेक टाउन आदिवासी बृंदा
लेक टाउन आदिवासी बृंदा दुर्गा पूजा सिर्फ सजावट तक ही सीमित नहीं रहती। यहां हर साल थीम किसी न किसी सामाजिक मुद्दे पर केंद्रित रहती है, जैसे – स्वास्थ्य जांच, रक्तदान शिविर, तीर्थ यात्रा, ग्रामीण जीवन और गरीबों की मदद। यह पंडाल पूजा के साथ-साथ समाज के लिए एक बड़ी सीख भी छोड़ता है।
लालबागान ग्रीन दुर्गा पूजा
लालबागान का पंडाल इस बार ग्रीन कॉन्सेप्ट पर बना है। इसे करीब 8,000 पौधों से सजाया गया है। पूरा पंडाल हमें पर्यावरण संरक्षण और प्रकृति को बचाने का मैसेज देता है। यह पंडाल उन लोगों के लिए खास है जो त्योहार के साथ-साथ नेचर को भी महत्व देते हैं।
चेतला अग्रणी
इस पंडाल में वाराणसी की झलक देखने को मिलती है। यहां के डिजाइन और सजावट में घाटों का नजारा दिखाया गया है। साथ ही गूंजते “हर-हर महादेव” और गंगा आरती लोगों को ऐसा अहसास कराते हैं जैसे वे सीधे काशी पहुंच गए हों।
दक्षिणपाड़ा दुर्गोत्सव
दक्षिणपाड़ा दुर्गोत्सव की खासियत इस बार इसकी यूनिक सजावट है। यहां पंडाल को वेस्ट मटीरियल जैसे – धातु की चादरें, पुराने औजार और स्क्रैप से सजाया गया है। इस क्रिएटिव आइडिया ने लोगों का ध्यान खींचा और यह साबित किया कि आर्ट किसी भी चीज़ से बनाई जा सकती है।
संतोष मित्रा स्क्वायर
इस साल संतोष मित्रा स्क्वायर ने भारतीय सेना को समर्पित थीम चुनी है। यहां का पूरा पंडाल ऑपरेशन सिंदूर की सफलता को समर्पित है। सेना की बहादुरी और बलिदान को दर्शाने वाला यह पंडाल लोगों में देशभक्ति की भावना जगाता है।
कोलकाता की दुर्गा पूजा सिर्फ धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह कला, संस्कृति और समाज के लिए संदेश देने का एक अनोखा प्लेटफॉर्म भी है। इन पंडालों की खूबसूरती और थीम इस बार लोगों के दिलों में एक अलग ही जगह बना रही है।