भारत अपनी विविधता के लिए जाना जाता है। यहां की संस्कृति, पर्व, रीति-रिवाज और भूगोल—सभी में अनोखे अनुभव मिलते हैं। ऐसा ही एक खास अनुभव है भारत के सबसे पहले सूर्योदय वाले गांव का। यह गांव न सिर्फ अपनी प्राकृतिक खूबसूरती के लिए प्रसिद्ध है, बल्कि यहां की जीवनशैली भी बाकी भारत से बिल्कुल अलग है।
सबसे पहले सूर्योदय कहाँ होता है?
भारत के अरुणाचल प्रदेश राज्य में स्थित कुल्लुक गांव या इसके आसपास के इलाकों को देश का सबसे पूर्वी गांव माना जाता है। यहां सूर्योदय देश में सबसे पहले होता है। इसलिए ग्रामीणों की दिनचर्या भी सूरज की रौशनी के हिसाब से तय होती है।
दिनचर्या सूरज के अनुसार
इस गांव के लोग सूर्योदय के साथ ही अपना दिन शुरू कर देते हैं। गांव के बुजुर्ग बताते हैं कि सुबह 5 बजे के आसपास सूरज निकल जाता है, और तब से पूरा गांव सक्रिय हो जाता है। स्कूल, खेत, घर के काम—सब कुछ सुबह सूरज के साथ शुरू हो जाता है।
दोपहर में ही डिनर की तैयारी
सबसे खास बात यह है कि यहां की जीवनशैली पूरी तरह प्राकृतिक समय के अनुसार है। लोग दोपहर में ही डिनर की तैयारी करने लगते हैं। यह इसलिए क्योंकि सूरज जल्दी निकलता और जल्दी ढलता है। ग्रामीणों का मानना है कि प्राकृतिक समय के अनुसार खाना और नींद लेना स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है।
प्राकृतिक सौंदर्य और पर्यटन
कुल्लुक गांव का प्राकृतिक सौंदर्य भी बहुत आकर्षक है। हर सुबह सूरज की पहली किरणें पहाड़ों और घाटियों पर पड़ती हैं, जिससे पूरा दृश्य बेहद खूबसूरत दिखता है। कई पर्यटक और फोटोग्राफर यहाँ सूर्योदय का अद्भुत नज़ारा देखने और कैप्चर करने आते हैं।