Hand Foot Mouth Disease : हाल ही में छोटे बच्चों में एक वायरल संक्रमण बहुत तेजी से फैल रहा है, जिसे हैंड, फुट एंड माउथ डिज़ीज़ (HFMD) कहते हैं।
यह बीमारी ज़्यादातर 5 साल से कम उम्र के बच्चों को होती है, लेकिन कभी-कभी बड़े बच्चे और वयस्क भी संक्रमित हो सकते हैं।
आम तौर पर यह 7–10 दिनों में खुद ही ठीक हो जाती है, लेकिन समय पर ध्यान न देने पर समस्या बढ़ सकती है।
HFMD कैसे फैलती है?
इस बीमारी का कारण कॉक्ससकी वायरस (Coxsackievirus A16) है।
यह वायरस एक संक्रमित बच्चे के:
- खांसने-छींकने,
- थूक, नाक के स्राव,
- मल,
- या त्वचा पर बने फफोलों के संपर्क से फैलता है।
यह बीमारी खासकर स्कूल, डे-केयर और पार्क जैसी जगहों पर जल्दी फैलती है।
खिलौनों, बर्तनों और कपड़ों को छूने से भी संक्रमण हो सकता है।
HFMD के लक्षण
संक्रमण के 3–6 दिन बाद लक्षण दिखने लगते हैं:
- हल्का बुखार, गले में खराश और भूख कम होना
- बच्चे का चिड़चिड़ा होना
- मुंह में छाले/अल्सर (खाने-पीने में दिक्कत)
- हाथों की हथेलियों, पैरों के तलवों, कोहनियों और घुटनों पर लाल दाने या फफोले
- खुजली, जलन, थकान और शरीर में दर्द
कब गंभीर हो सकता है?
अधिकतर मामले हल्के होते हैं, लेकिन अगर बच्चे में ये लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएँ:
- तेज बुखार
- लगातार उल्टी
- बार-बार पेशाब न आना
- बेहोशी या झटके (seizures)
ये लक्षण मेनिंजाइटिस, एन्सेफलाइटिस या डिहाइड्रेशन जैसी गंभीर स्थिति का संकेत हो सकते हैं।
बचाव के उपाय
- बच्चों को बार-बार हाथ धोने की आदत डालें।
- संक्रमित बच्चे को स्कूल/डे-केयर न भेजें।
- खिलौने, बोतलें और बर्तन रोज़ साफ करें।
- बच्चों को पर्याप्त पानी और तरल पदार्थ पिलाएँ।
- किसी भी लक्षण पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।
हैंड, फुट एंड माउथ डिज़ीज़ एक आम लेकिन संक्रामक बीमारी है। यह अक्सर खुद ठीक हो जाती है, लेकिन लापरवाही खतरनाक हो सकती है।
थोड़ी सावधानी, साफ-सफाई और समय पर इलाज से बच्चों को इस बीमारी से सुरक्षित रखा जा सकता है।