लोकतंत्र के महापर्व के चौथे चरण में सबसे कड़ा और दिलचस्प मुकाबला Hyderabad सीट पर देखने को मिला। प्रचार के दौरान भी यहां सियासी गर्मी काफी बढ़ी हुई थी। 40 सालों से हैदराबाद लोकसभा सीट पर ओवैसी परिवार का कब्जा है। यहां सालों से मुस्लिम सांसद का बैठे हुए हैं। ऐसे में माधवी लता जीत का दावा करती हुई बार-बार दिखाई दे रही हैं। ऐसे में क्या हैदराबाद की 60 प्रतिशत मुस्लिम वोटर क्या हिंदू कैंडिडेट को वोट देगी?
कौन है माधवी लता ?
हैदराबाद लोकसभा सीट पर AIMIM प्रमुख और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी का मुकाबला बीजेपी की माधवी लता से है। दोनों के बीच कड़ा मुकाबला माना जा रहा है। माधवी लता वही हैं। जिन्होंने तीन तलाक को लेकर मुस्लिम महिलाओं के बीच जागरूकता फैलाई थी। और मोदी सरकार के तीन तलाक कानून को लेकर समर्थन करते हुए दिखाई दी थी।
Hyderabad से पांचवी बार सांसद बनेंगे ओवैसी
हैदराबाद सीट 1984 से ओवैसी परिवार का गढ़ बना हुआ है। ओवैसी के पिता यहां जीतते रहे। उसके बाद बेटे ने विरासत संभाली और लगातार 2004 से असदुद्दीन ओवैसी यहां से सांसद बने रहे है। 24 के रण में ओवैसी जीते तो पांचवी हार सांसद बनेंगे।
Hyderabad में मुस्लिमों की सबसे बड़ी आबादी ?
चुनाव के प्रचार के दौरान माधवी लता से लेकर ओवैसी दोनों के कई बयान विवादों में रहे माधवी लता पर केस तक दर्ज हुआ। इस सीट पर असदुद्दीन के पिता सुल्तान सलाहुद्दीन ओवैसी लगातार 6 बार चुनाव जीतकर सांसद बने। इस लोकसभा क्षेत्र में मुस्लिम मतदाताओं करीब 60 प्रतिशत है. यही एक प्रमुख कारण है कि यहां AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी चार बार से एकतरफा जीत हासिल करते आ रहे हैं।
चौथे चरण में हुआ मतदान
Hyderabad की जनसंख्या करीब 21 लाख 84 हजार 467 है, जिसमें से तीन प्रतिशत लोग SC वर्ग के हैं। ऐसे में मुस्लिम एकतरफ होकर जिसे वोट कर दें। उसकी जीत तय मानी जाती है। हालांकि असदुद्दीन ओवैसी और माधवी लता दोनों ने अपने-अपने जीत के दावे किए हैं। इस सीट पर चौथे चरण में मतदान हो चुके हैं जिसके नतीजे 4 जून को आएंगे।