Hong Kong fire : मीडिया रिपोर्ट के अनुसार Hong Kong में कई ऊंची आवासीय इमारतों में लगी भीषण आग ने भारी तबाही मचाई है। इस हादसे में अब तक 55 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 279 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। यह जानकारी चीन की सरकारी समाचार एजेंसी Xinhua News Agency ने गुरुवार को दी।
वांग फुक कोर्ट में लगी आग
रिपोर्ट के मुताबिक, बुधवार को वांग फुक कोर्ट आवासीय परिसर में आग भड़की थी। इस मामले में संदिग्ध हत्या और घोर लापरवाही के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। ये तीनों एक निर्माण कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी बताए जा रहे हैं, जो इमारतों के नवीनीकरण कार्य में इस्तेमाल होने वाले सामान की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। गिरफ्तार आरोपियों में कंपनी के दो निदेशक और एक परियोजना सलाहकार शामिल हैं, जिनकी उम्र 52 से 68 वर्ष के बीच बताई गई है।
68 लोग अस्पताल में भर्ती, 16 की हालत बेहद गंभीर
हांगकांग के प्रतिष्ठित अखबार South China Morning Post के अनुसार, इस हादसे में कम से कम 68 लोग अस्पताल में भर्ती हैं। इनमें से 16 लोगों की हालत गंभीर बताया जा रहा जबकि 25 अन्य की स्थिति नाजुक बताई जा रही है।
क्या है आग लगने की वजह
पुलिस जांच में सामने आया है कि इमारतों पर लगाए गए सुरक्षात्मक जाल (प्रोटेक्टिव नेट), वॉटरप्रूफ कैनवास और प्लास्टिक शीट अग्निरोधी मानकों पर खरे नहीं उतरे, जिस कारण आग बेहद तेजी से फैली। इसके अलावा एक अप्रभावित इमारत में लिफ्ट लॉबी की खिड़कियों को सील करने के लिए पॉलीयूरेथेन फोम का इस्तेमाल किया गया था, जो कि अत्यंत ज्वलनशील होता है। इसे भी आग के तेज फैलाव का बड़ा कारण माना जा रहा है।
हांगकांग के इतिहास की सबसे बड़ी आग
John Lee ने इस हादसे को हांगकांग के इतिहास की सबसे भीषण आग बताया है। उन्होंने कहा कि अब भी सैकड़ों लोग लापता हैं, और प्रशासन पूरी क्षमता के साथ खोज और बचाव अभियान में जुटा हुआ है। वहीं राष्ट्रपति Xi Jinping ने इस भीषण हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया और अधिकारियों को निर्देश दिए कि बचाव कार्य में कोई कोताही न बरती जाए , घायलों को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा मिले और पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता दी जाए.