नई दिल्ली। मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो झारखंड में विधानसभा चुनाव इस साल अक्टूबर महीने में समय से पहले हो सकते हैं। चुनाव दो या तीन चरणों में हो सकते हैं। ऐसी अटकलें भारत निर्वाचन आयोग और राज्य मंत्रिमंडल निर्वाचन विभाग की हो रही तैयारियों के बीच लगाई जा रही हैं। विधानसभा चुनाव की तैयारियों का जायजा लेने के लिए भारत निर्वाचन आयोग की टीम दो दिवसीय दौरे पर बुधवार को रांची पहुंची।आयोग की टीम में वरीय उप निर्वाचन आयुक्त धर्मेंद्र शर्मा, वरीय उप निर्वाचन आयुक्त नीतीश कुमार व्यास, प्रधान सचिव अरविंद आनंद समेत अन्य शामिल थे।
2019 में पांच चरणों में हुए थे झारखंड विधानसभा चुनाव
रांची पहुंचने के बाद टीम ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के रवि कुमार व अन्य अधिकारियों के साथ बैठक की। गुरुवार को टीम पतरातू स्थित पतरातू पर्यटन विहार स्थित सभागार में सभी जिला निर्वाचन पदाधिकारियों के साथ राज्य में मतदाता सूची के द्वितीय विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम 2024 के तहत चल रहे कार्यों की समीक्षा करेगी। वर्ष 2019 में झारखंड विधानसभा चुनाव पांच चरणों में हुए थे। बताया जाता है कि मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने इस बार दो या तीन चरणों में चुनाव कराने की अनुशंसा की है। समय से पहले चुनाव कराने के मुद्दे पर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि इसका जवाब चुनाव आयोग ही दे सकता है।
समय से पहले हो सकते हैं विधानसभा चुनाव
हालांकि उन्होंने कहा है कि विधानसभा का कार्यकाल समाप्त होने से छह माह पहले कभी भी चुनाव कराए जा सकते हैं। विधानसभा चुनाव के लिए चल रहे मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत 25 जुलाई को मतदाता सूची का प्रारूप प्रकाशन किया जाना है। इस पर आपत्तियां लेने के बाद 20 अगस्त को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया जाएगा। समय से पहले विधानसभा चुनाव कराने का कारण यह है कि हरियाणा और महाराष्ट्र में सितंबर/अक्टूबर में विधानसभा चुनाव होने हैं। साथ ही जम्मू-कश्मीर में भी 30 सितंबर से पहले चुनाव कराना कानूनी बाध्यता है। इन तीनों राज्यों के साथ झारखंड में भी विधानसभा चुनाव कराने से समय और संसाधनों की बचत होगी।