नई दिल्ली। अमृतसर के ब्यास स्थित डेरा राधा स्वामी के मुखी बाबा गुरिंदर सिंह ढिल्लों ने अपने उत्तराधिकारी के रूप में jasdeep singh gill को नियुक्त किया है। 45 वर्षीय जसदीप सिंह गिल को डेरा राधा स्वामी सत्संग ब्यास सोसाइटी का संरक्षक बनाया गया है। उन्हें गुरू नाम देने का अधिकार भी प्राप्त होगा। डेरा राधा स्वामी ब्यास का यह निर्णय 2 सितंबर, 2024 से लागू होगा। गौरतलब है कि बाबा गुरिंदर सिंह ढिल्लों को कुछ साल पहले कैंसर और हृदय रोग का पता चला था, जिसके बाद उनका लंबा इलाज चला। उनके स्वास्थ्य को देखते हुए यह निर्णय लिया गया। डेरा ब्यास का धार्मिक और सामाजिक प्रभाव व्यापक है।
jasdeep singh gill को क्या क्या अधिकार मिला है ?
इस संबंध में सभी सेवादारों और इंचार्जों को भेजे गए एक पत्र में सूचित किया गया कि बाबा गुरिंदर सिंह ढिल्लों ने सुखदेव सिंह गिल के पुत्र जसदीप सिंह गिल को राधा स्वामी सत्संग ब्यास सोसाइटी का संरक्षक नियुक्त किया है। पत्र में यह भी कहा गया है कि जसदीप सिंह गिल को संत सतगुरु के रूप में बाबा गुरिंदर सिंह ढिल्लों का स्थान लेंगे और उन्हें नाम दीक्षा देने का अधिकार होगा।
कौन हैं jasdeep singh gill
jasdeep singh gill ने सिप्ला लिमिटेड में चीफ स्ट्रैटजी ऑफिसर और CEO के रूप में कार्य किया और 2019 में कंपनी से जुड़ने के बाद 31 मई 2024 को पद छोड़ा। इसके अतिरिक्त, वे एथ्रिस और अचिरा लैब्स प्राइवेट लिमिटेड के बोर्ड ऑब्जर्वर भी रहे और वेल्थी थेरेप्यूटिक्स के बोर्ड सदस्य रहे। उन्होंने कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी से केमिकल इंजीनियरिंग में पीएचडी और MIT से मास्टर डिग्री प्राप्त की है, साथ ही IIT दिल्ली से बायोकेमिकल इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन व पोस्ट-ग्रेजुएशन किया है।
क्या है डेरा राधा स्वामी ब्यास
राधा स्वामी सत्संग ब्यास की स्थापना 1891 में बाबा जैमल सिंह ने की थी, जिसका उद्देश्य धार्मिक संदेश फैलाना है। आज यह संस्था 90 देशों में फैली हुई है, जिसमें अमेरिका, स्पेन, न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया, जापान और अफ्रीका शामिल हैं। डेरे के पास 4 हजार एकड़ से अधिक भूमि है, जिसमें 48 एकड़ का लंगर हॉल, श्रद्धालुओं के रहने के लिए सराय और गेस्ट होस्टल, और मुफ्त इलाज के लिए 3 अस्पताल शामिल हैं।