Aparajita Women and Child Bill  : पश्चिम बंगाल सरकार के विधेयक को विपक्ष और विशेषज्ञों का विरोध, मंगलवार को सदन में पेश होगी बिल

ई दिल्ली। पश्चिम बंगाल विधानसभा का विशेष सत्र सोमवार और मंगलवार को आयोजित किया जाएगा। इस विशेष सत्र में प्रदेश की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी  सरकार एक महत्वपूर्ण विधेयक पेश करने जा रही है। सरकार के तरफ़ से जारी सूचना के अनुसार इस सत्र के दौरान, ‘अपराजिता महिला एवं बाल विधेयक’ (Aparajita Women and Child Bill) को विधानसभा में पेश करेगी।

कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज मामले के बाद सरकार का फैसला

जारी सूचना के अनुसार विधेयक (Aparajita Women and Child Bill) का मुख्य उद्देश्य बलात्कार और हत्या के मामलों में दोषियों को मौत की सजा देना है। ज्ञात हो कि  सरकार ने यह कदम कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल की एक जूनियर डॉक्टर के साथ बलात्कार और उसकी हत्या के बाद उठाया है। इस घटना ने पूरे देश में व्यापक विरोध और प्रदर्शन को जन्म दिया है। इससे पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पिछले महीने तृणमूल कांग्रेस की छात्र शाखा के स्थापना दिवस पर इस विधेयक की घोषणा की थी और इसे विधानसभा के विशेष सत्र में पारित कराने की बात कही थी। मंगलवार को प्रस्तावित विधेयक ( Aparajita Women and Child Bill ) पर चर्चा के लिए कुल दो घंटे का समय आवंटित किया जाएगा और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की उपस्थिति की संभावना भी है।

बलात्कार मामले में सख्त कानून की मांग करते हुए मुख्यमंत्री का पीएम नरेंद्र मोदी को पत्र

ममता बनर्जी ने केंद्रीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दो पत्र लिखकर बलात्कार के मामलों पर सख्त केंद्रीय कानून बनाने की मांग की है। पत्रों में उन्होंने ऐसे अपराधियों को कठोर सजा देने और उनके मामलों की सुनवाई 15 दिन के भीतर शुरू करने की अपील की है। हालांकि बंगाल सरकार के इस फैसले को लेकर विपक्षी दल और कानूनी विशेषज्ञ राज्य सरकार के इस कदम का विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि केंद्रीय स्तर पर इस तरह के मामलों के लिए पर्याप्त कानूनी प्रावधान मौजूद हैं। इसके अलावा, हाल ही में हुई महिला डॉक्टर की हत्या ने राज्य प्रशासन और पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं, जिससे समाज के कई वर्गों ने आलोचना की है।

क्रेडिट-मीडिया इनपुट

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