How to prevent diabetes : डायबिटीज दुनिया भर में करोड़ों लोगों को प्रभावित करने वाली एक ऐसी क्रॉनिक बीमारी है, जिसमें शरीर या तो पर्याप्त इंसुलिन नहीं बनाता या फिर उसे सही तरह से उपयोग नहीं कर पाता। अनुवांशिक कारणों के साथ-साथ गलत जीवनशैली, मोटापा, खराब खान-पान और हाई ब्लड प्रेशर जैसी स्थितियां भी डायबिटीज़ का खतरा बढ़ाती हैं। लेकिन अच्छी खबर यह है कि यदि डायबिटीज़ आपके परिवार में चलती है, तब भी कुछ सरल आदतें अपनाकर आप इस बीमारी के जोखिम को काफी हद तक कम कर सकते हैं। बड़े कार्डियोलॉजिस्ट ऐसे आसान लाइफस्टाइल का जिक्र करते हैं, जिन्हें अपनाकर प्रीडायबिटिक लोग भी अपने जोखिम को काफी हद तक घटा सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि रोकथाम हमेशा इलाज से बेहतर है।
वजन कम करें
विशेषज्ञ बताते हैं कि अगर कोई व्यक्ति अपने कुल वजन में 5–7% तक की कमी भी कर लेता है, तो डायबिटीज़ होने का खतरा तीन साल में लगभग 60% तक कम हो सकता है। हल्की-फुल्की वजन में गिरावट भी शरीर को इंसुलिन बेहतर ढंग से उपयोग करने में मदद करती है, जिससे ब्लड शुगर नियंत्रित रहता है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि अचानक डाइटिंग या फास्टिंग की बजाय छोटे-छोटे बदलाव लाते हुए नियमित वॉक, हल्का-फुल्का व्यायाम और संतुलित भोजन की ओर बढ़ें। स्वस्थ वजन न सिर्फ डायबिटीज से बचाता है, बल्कि हार्ट डिज़ीज, जोड़ों के दर्द और कई अन्य बीमारियों का जोखिम भी कम करता है।
हफ़्ते में ज़्यादातर दिनों में व्यायाम करें
विशेषज्ञों के अनुसार हर सप्ताह 150 मिनट की मध्यम तीव्रता वाली एक्सरसाइज जैसे तेज़ चलना, तैराकी, साइकिलिंग डायबिटीज़ को रोकने में बेहद असरदार साबित होती है।उनका मानना है कि नियमित शारीरिक गतिविधि ,शरीर को इंसुलिन का उपयोग करने में मदद करती है. ब्लड शुगर को स्वाभाविक रूप से नीचे लाती है.तनाव कम करती है.नींद को बेहतर बनाती है. कई अध्ययनों में पाया गया है कि जो लोग यह लक्ष्य पूरा करते हैं, उनमें डायबिटीज़ का खतरा 44% से 70% तक कम हो जाता है।
शुगर वाले ड्रिंक्स से दूरी बनाएं
सोडा, पैकेटेड जूस, एनर्जी ड्रिंक्स और मीठे शेक तेजी से ब्लड-शुगर बढ़ाते हैं और वजन भी बढ़ाते हैं। इन्हें छोड़ना डायबिटीज़ रोकथाम का सबसे सरल तरीका माना जाता है। आप इसके बजाय साधारण पानी,बिना चीनी की चाय और ब्लैक कॉफी का सेवन कर सकते हैं . शोध बताते हैं कि मीठे पेयों का सेवन कम करने से कैलोरी का सेवन घटता है, ग्लूकोज़ स्पाइक कम होता है और वजन नियंत्रित रहता है जिससे डायबिटीज का जोखिम भी नीचे आता है। साथ ही पैक्ड फूड और प्रोसेस्ड स्नैक्स में छिपी शुगर पर भी नज़र रखना जरूरी है।
कार्ब्स की जगह फाइबर-युक्त भोजन खाएं
फाइबर से भरपूर साबुत अनाज, फल और सब्जियाँ पाचन को धीमा करती हैं, जिससे शुगर धीरे-धीरे शरीर में जाती है और ब्लड-शुगर अचानक नहीं बढ़ता। कार्ब्स जैसे ब्रेड, पास्ता, नूडल्स और मीठे स्नैक्स की जगह फाइबर-युक्त भोजन लेने से ब्लड-शुगर स्थिर रहता है ,वजन नियंत्रित रहता है,मेटाबॉलिज़्म बेहतर होता है और आंतों का स्वास्थ्य सुधरता है. विशेषज्ञ बताते हैं कि लो-ग्लाइसेमिक फूड डायबिटीज़ के खिलाफ सुरक्षा कवच की तरह काम करते हैं।
तनाव पर नियंत्रण और अच्छी नींद लेना
लंबे समय तक तनाव बने रहने पर शरीर में कॉटिसोल जैसा हार्मोन बढ़ जाता है, जो ब्लड-शुगर को ऊपर ले जाता है और इंसुलिन की क्षमता को कम करता है। विशेषज्ञों के अनुसार, मेडिटेशन,योग,गहरी सांसों का अभ्यास या कोई पसंदीदा शौक तनाव घटाने में बेहद मददगार साबित होते हैं। अध्ययन बताते हैं कि तनाव प्रबंधन से न केवल ब्लड-शुगर बेहतर होता है, बल्कि भविष्य में डायबिटीज होने की संभावना भी कम होती है। अच्छी, भरपूर नींद इंसुलिन सेंसिटिविटी को मजबूत बनाती है और शरीर को बेहतर तरीके से शुगर नियंत्रित करने में मदद करती है। इन आसान और व्यवहारिक आदतों को अपनाकर आप भविष्य में डायबिटीज़ जैसी गंभीर बीमारी से खुद को बचा सकते हैं।