Signs of poor kidney Health : बिहार में ठंड तेज़ होती जा रही है. शनिवार को कई जिलों में न्यूनतम तापमान गिरकर 8.3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया. मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर बिहार में कोल्ड वेव की स्थिति बन सकती है और अगले दो दिनों तक गलन बढ़ने की संभावना है. तेज़ हवा और कोहरे के कारण लोगों को सुबह-शाम ठिठुरन महसूस हो रही है. सर्द मौसम में आमतौर पर लोग पानी कम पीते हैं, जिससे स्वास्थ्य पर कई तरह के खतरे बढ़ जाते हैं. डॉक्टरों के मुताबिक, कम पानी पीने का सबसे ज़्यादा असर किडनी पर पड़ता है. इस मौसम में शरीर का डिहाइड्रेशन अक्सर महसूस नहीं होता, लेकिन अंदरूनी तौर पर यह किडनी को नुकसान पहुंचा सकता है.
पानी की कमी किडनी को कैसे प्रभावित करती है?
विशेषज्ञ बताते हैं कि पानी शरीर से गंदगी और टॉक्सिन बाहर निकालने का सबसे अहम माध्यम है. जब शरीर डिहाइड्रेट होता है, तो किडनी का ब्लड फ्लो कम हो जाता है और वेस्ट फिल्टर करने की क्षमता घट जाती है.डिहाइड्रेशन के कारण किडनी पर पड़ने वाले प्रमुख प्रभाव…
- वेस्ट जमा होना
पानी कम होने से किडनी खून को साफ नहीं कर पाती, जिससे शरीर में टॉक्सिन जमा होने लगते हैं.
- गाढ़ा यूरिन और किडनी स्टोन का खतरा
यूरिन गाढ़ा होने पर उसमें मौजूद मिनरल और सॉल्ट क्रिस्टल बनने लगते हैं, जिससे दर्दनाक किडनी स्टोन बन सकते हैं.
- UTI का बढ़ता खतरा
पानी बैक्टीरिया को फ्लश आउट करने में मदद करता है. जब यह प्रक्रिया धीमी पड़ती है, तो यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है जो किडनी तक पहुंच सकता है.
- अचानक किडनी फेलियर
गंभीर डिहाइड्रेशन में ब्लड फ्लो बहुत कम हो जाता है, जिससे एक्यूट किडनी इंजरी या अचानक किडनी फेलियर हो सकता है.
- लंबे समय में क्रॉनिक किडनी डिजीज का जोखिम
बार-बार डिहाइड्रेशन होने से किडनी पर लगातार दबाव पड़ता है और लंबे समय में यह क्रॉनिक किडनी डिजीज का कारण बन सकता है. डिहाइड्रेशन के दूसरे कारण डायरिया,उल्टी और अत्यधिक पसीना आना है.
दिनभर में कितना पानी पीना चाहिए
सर्दियों में कम पानी पीने के साथ-साथ ये कारण शरीर से पानी की कमी को और बढ़ा सकते हैं. डॉक्टरों का कहना है कि ठंड के मौसम में भी हर व्यक्ति को दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए. हल्का गुनगुना पानी पीने से शरीर हाइड्रेट रहता है और किडनी की कार्यक्षमता भी बेहतर रहती है. बिहार में बढ़ती ठंड के बीच विशेषज्ञ लोगों से अपील कर रहे हैं कि वे पानी की कमी को हल्के में न लें, क्योंकि डिहाइड्रेशन न सिर्फ थकान बढ़ाता है बल्कि किडनी पर भी गंभीर प्रभाव डाल सकता है.