ताश के खेल में बड़े पत्ते पर बड़े दांव लगाए जाते हैं। राजनीति वैसे तो सतरंज सी होती है लेकिन दांव यहां भी बड़े चेहरों पर लगया जाता है। इसे आप आसान भाषा में इस तरह से समझ सकते हैं कि कोई एक क्षेत्र किसी पार्टी का गढ़ बन जाता है तो दूसरी पार्टी के लिए वहाँ से जीत हासिल करना आसान नहीं होता है। ऐसा तब होता है जब जनता सीटों की मालिक होती हैं। ऐसे ही सीटों में है लोकसभा चुनाव के लिए उत्तर प्रदेश के 80 सीटों में गिनती के हॉट सीटों में शमिल है Raebareli और Amethi।
Raebareli में कांग्रेस का दबदबा
1977 के चुनाव परिणाम को छोड़ दे तो रायबरेली सीट से हर बार Congress और खासकर गांधी परिवार के सदस्य ही जीतते रहें । इस सीट से मौजूदा सांसद और कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष Sonia gandhiने लोकसभा चुनाव लड़ने से मना कर दिया। जिसके बाद अब वो राज्यसभा में चुनी जा चुकी हैं। उनके चुनाव ना लड़ने के बाद इस सीट से कांग्रेस किसे उम्मीदवार बनाएगी ? इस सवाल पर अभी भी सस्पेंस बरकार है। जबकि नामांकन के लिए महज एक दिन बाकी है।
Rahul gandhi लगातार 3 बार Amethi सीट से विजय
वहीं अगर अमेठी सीट की बात करें तो यह सीट गढ़ कांग्रेस परिवार का रहा है लेकिन 3 चुनाव में कांग्रेस को हार का समाना भी करना पड़ा। पिछले लोकसभा चुनाव में राहुल गांधी को BJP नेता स्मृति ईरानी ने हरा दिया था। उससे पहले Rahul gandhi लगातार 3 बार इस सीट से विजय हुए थे। लोकसभा का यह चर्चित सीट इस बार भी चर्चा में बना हुआ है। लेकिन इस बार इसके दो कारण है। पहला तो यह कि इस बार इस सीट से मौजूदा सांसद के खिलाफ कांग्रेस से कौन उम्मीदवार होगा ? और दूसरा चर्चा है कि राहुल गांधी इस बार इस सीट से चुनाव नहीं लड़ेंगे।
पांचवे चरण में होगी मतदान
दोनों सीटों पर पांचवे चरण में मतदान होने हैं। इसके लिए नामांकन की आखिरी तारीख 3 मई है। जिसके बाद सीट को लेकर चर्चा और ही तेज हो गई हैं। क्योंकि उत्तरप्रदेश की इन हाईप्रोफाइल सीटों पर विपक्षी गठबंधन ने अब तक अपने उम्मीदवारों का ऐलान नहीं किया है। Congressपरिवार का गढ़ कही जाने वाली यह सीट कांग्रेस के खाते में है। लेकिन पार्टी ने अब तक उम्मीदवारों के नामों की घोषणा नहीं की हैं। मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो इस बार दोनों सीटों में से किसी एक सीट पर ही कांग्रेस परिवार का सदस्य चुनाव लड़ने के मूड में हैं। अमेठी सीट से इस बार पार्टी किसी लोकल चेहरे पर दांव आजमा सकती है इसके भी संकेत मिल रहें हैं। लेकिन जब तक नामांकन नहीं हो जाता कुछ भी कहना जल्दी बाजी होगी क्योंकि सोनिया गांधी के सांसद प्रतिनिधि रहे केएल शर्मा नामांकन की तैयारियों के लिए अमेठी पहुंच चुके हैं, जिसके बाद अब ये कयास भी लगाए जा रहें हैं कि पार्टी यहां से Rahul gandhi को ही अपना उम्मीदवार बनाएगी।
कौन होगा Congress पार्टी का चेहरा
Amethi में कांग्रेस असमंजस में है तो उत्तरप्रदेश की एक और हाईप्रोफाइल सीट पर विपक्ष के साथ साथ सत्ता पक्ष भी निर्णय नहीं ले पा रहा है। अपने गढ़ में कांग्रेस शायद बीजेपी के पत्ते का इंतजार कर रही है ऐसा कहना भी सही नहीं होगा क्योंकि अमेठी में तो स्मृति ईरानी ने 29 अप्रैल को ही अपना पर्चा भर दिया हैं। पिछले लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की खाते में आई एक मात्र सीट रायबरेली सीट ही थी। उस समय कांग्रेस नेता और पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी सीट जीती थी। लेकिन इस बार वो चुनाव नहीं लड़ेगी। ऐसे में कौन पार्टी का चेहरा होगा यह देखना बड़ा दिलचस्प होगा।