टॉक्सिक ट्रेंड्स vs ऑथेंटिक स्टाइल क्या कहती है फैशन में आपकी चॉइस ?

Sustainable fashion vs fast fashion: Slay ya say bye… यह फैशन की दुनिया का सबसे बड़ा कनफ्लिक्ट है. आज का टाइम इमेज ड्रिवन है. रील, pintrest बोर्ड्स और सेलिब्रिटी आउटफिट्स हर दिन हमारे फीड में घुसे रहते है. रिजल्ट लोग ट्रेंड्स के पीछे भागते हैं और ब्रांड्स इसी एडिक्शन को फास्ट फैशन (fast fashion) का फ्यूल बना देती है. जहां कपड़े सस्ते, ट्रेंडी और मिनटों में रिप्लेस कर दिए जाते है. दूसरी ओर पर्यावरण और एथिक्स के प्रति अभिज्ञ(aware) करने की लिए एक मूवमेंट (sustainable fashion) खड़ा कर दिया गया है. यह दोनों चीजें सिर्फ हमारी वार्डरोब को ही नहीं बल्कि हमारे फ्यूचर को भी निर्धारित करती है…

फास्ट फैशन जो हर दिन नया ड्रॉप देता है और आपका फीड भर देता है, वहीं दूसरी और सस्टेनेबल फैशन जो कुल कॉन्शियस है पर शायद आपकी जेब पर थोड़ा भारी पड़े…

फास्ट फ़ैशन, सस्ती डील्स, महंगा डैमेज

फास्ट फैशन एकदम उस टॉक्सिक फ्रेंड जैसा है, जो बाहरी रूप से तो भरपूर ग्लैमरेस है लेकिन अंदर से खोखला है. रील, pintrest और Tik tok पर 24/7 नए ट्रेंड्स देखने के बाद आपको लगता है कि एक ही टॉप दो बार पहनना क्रीम है. ब्रांड्स जैसे ( shein, zara,H&M) इसी ट्रेंड fomo को कैश करते है. ये कपड़े एक दो वॉश के बाद ही अपनी साइन खो देते है, जो बेसिकली पॉलिस्टर से बने है. ये प्रोडक्ट डिस्पोजेबल है, पहना बोर हुए फेंक दिया. सस्ती कीमत के पीछे एक डार्क सीक्रेट है फैक्ट्री में स्वीटशॉप होती है जहां वर्कर्स को ढंग की सैलरी नहीं मिलती और काम करने की कंडीशन एकदम अनसेफ होती है. फास्ट फैशन दुनिया को सबसे बड़े प्रदूषण फैलाने वालों में से एक माना जाता है 92 मिलियन 10 का कपड़ा हर साल फेंक दिया जाता है, जो कपड़े लैंडफिल में पड़े रहते हैं और पानी और हवा को जहरीला बनाते हैं.

सस्टेनेबल फ़ैशन, स्लो मूव हाई वैल्यू

सस्टेनेबल फ़ैशन वो दोस्त है जो ऑथेंटिक है और आपकी लाइफ में आपकी केयर करता है. यह अब कुछ conscious है. यह कपड़े इन्वेस्टमेंट पीसेस होते है. Levis, patagonia या Everlane जैसे ब्रैंड्स टिकाऊ बढ़िया कपड़े बनाते है, जो लंबे समय तक साथ निभाते है. ये ब्रांड्स प्लास्टिक की बोतलों से बने रिसाइकलिंग किए हुए फैब्रिक, ऑर्गेनिक कॉटन या हेंप का यूज करते है. ये केमिकल फ्री या लो केमिकल इस्तेमाल करते है. यह fair wages और सेफ वर्किंग कंडीशन को टॉप प्रायोरिटी दी जाती है. यहां ट्रांसपेरेंसी हैं, जिसी आपको पता चलता है कि आपके कपड़े कितने फ्यूचर फ्रेंडली है. सस्टेनेबल फैशन का गोल है waste= zero. ये कपड़े को रिपेयर करके फिक्स या रिसाइकल करने पर जोर देते है, ताकि कपड़ा कूड़ेदान में न जाए.

Fast fashion भले ही सस्ता हो और आपको तुरंत ट्रेंड में ले आए लेकिन इसकी असली कीमत हमारी जनरेशन ओर हमारे प्लैनेट को चुकानी पड़ रही है. वही दूसरी ओर Sustainable fashion थोड़ा महंगा जरूर हैं लेकिन authenticity और consciousness को सबसे ज्यादा वैल्यू देता है.

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