wake-up time : क्या सुबह 5 बजे उठना स्वास्थ्य के लिए 7 बजे उठने से बेहतर है? नर्वस सिस्टम के विशेषज्ञों का कहना है कि असल फर्क समय में नहीं, बल्कि नींद की गुणवत्ता और रूटीन की स्थिरता में होता है। योग शिक्षक और हैबिल्ड के सह-संस्थापक सौरभ बोथरा के अनुसार, हमारी बॉडी और नर्वस सिस्टम को नियमितता सबसे ज़्यादा पसंद है। वे कहते हैं कि जब हम रोज़ एक ही समय पर सोते और जागते हैं, तो शरीर उसी रिद्म के अनुसार खुद को तैयार करने लगता है।
क्या है विशेषज्ञों की राय
विशेषज्ञ मानते हैं कि सुबह 5 बजे उठने के कुछ शारीरिक फायदे हो सकते हैं। इस समय ज्यादातर लोग हल्की नींद में होते हैं, जिससे सहजता से उठना आसान होता है। साथ ही इस वक्त वातावरण शांत और ठंडा होता है, जो नर्वस सिस्टम को शांत रखने में मदद करता है। दूसरी ओर विशेषज्ञ यह बताते हैं कि असल में सबसे ज़रूरी है कि व्यक्ति को 7–8 घंटे की पूरी नींद मिले। उनके अनुसार अधूरी नींद नर्वस सिस्टम पर सीधा नकारात्मक असर डालती है, जिससे थकान, चिड़चिड़ापन और फोकस कम होने जैसी समस्याएँ बढ़ सकती हैं। वे चेतावनी देते हैं कि अगर 5 बजे उठना आपकी नींद कम कर देता है, तो यह फायदेमंद नहीं बल्कि शरीर के लिए हानिकारक साबित हो सकता है। इसके विपरीत, 7 बजे उठकर पूरी नींद लेना नर्वस सिस्टम की रिकवरी, मेमोरी और हार्मोनल बैलेंस के लिए ज्यादा फायदेमंद हो सकता है।
सुबह कितने बजे उठना चाहिए
विशेषज्ञों का कहना है कि सुबह कब उठना चाहिए, इसका कोई एक ही जवाब नहीं है। सही तरीका है कि आप पूरा सोएं,रोज एक निश्चित समय पर जागें और अपनी बॉडी की प्राकृतिक रिद्म के अनुसार रूटीन बनाएं। इससे नर्वस सिस्टम पर कम दबाव पड़ता है और दिन भर ऊर्जा बनी रहती है।