पटना। बिहार में जेडीयू ने आगामी 2025 के विधानसभा चुनाव में एक बार फिर से ‘बड़े भाई’ की भूमिका निभाने का दावा किया है। पार्टी की हालिया बैठक में यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया कि जेडीयू अगले चुनाव में प्रमुख भूमिका में रहेगी। बैठक के बाद जेडीयू के मंत्री अशोक चौधरी ने इस दावे को मजबूती प्रदान की और कहा कि पार्टी की तैयारी पूरी है, और इस बार सीटों की संख्या में वृद्धि होगी।
पिछले चुनाव से बेहतर प्रदर्शन करेगी JDU : अशोक चौधरी
अशोक चौधरी ने प्रेस को बताया, “हमने आगामी चुनाव के लिए व्यापक चर्चा की है। हमारी तैयारियां पूरी हैं और हम अगले चुनाव में फिर से बड़े भाई की भूमिका में रहेंगे। पिछली बार हमारी सीटें कम हुई थीं, लेकिन इस बार हम संख्या में वृद्धि की उम्मीद कर रहे हैं।” उन्होंने 2020 और 2024 के चुनावों का हवाला देते हुए कहा कि पार्टी की सीटों में कमी आई थी, लेकिन अब स्थितियों में सुधार होने की संभावना है।
लोकसभा में जदयू का बेहतर प्रदर्शन
2024 के लोकसभा चुनावों में जेडीयू की सीटें घट गई थीं, जिसके परिणामस्वरूप पार्टी को छोटे भाई की भूमिका में आना पड़ा था। लोकसभा चुनाव में जेडीयू को 16 सीटें मिलीं जबकि बीजेपी ने 17 सीटों पर चुनाव लड़ा था। इसके परिणामस्वरूप जेडीयू ने 12 सीटें जीतीं। इस परिणाम ने पार्टी की स्थिति को कमजोर कर दिया था। हालांकि, लोकसभा चुनाव के बाद जेडीयू का कद बढ़ा है क्योंकि पार्टी ने केंद्र सरकार को समर्थन दिया और महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसने पार्टी को नई ऊर्जा और आत्मविश्वास प्रदान किया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने स्पष्ट किया है कि अब वे बीजेपी के सामने झुकेंगे नहीं और अगले विधानसभा चुनाव में पार्टी की स्थिति को मजबूत करेंगे।
आगामी चुनाव की तैयारी में JDU
बिहार में अगले साल विधानसभा चुनाव होना है, और जेडीयू ने अपनी तैयारी शुरू कर दी है। पार्टी की वर्तमान स्थिति में, जेडीयू की बढ़ती ताकत और बारगेनिंग पावर ने बीजेपी के लिए बिहार में नई चुनौतियाँ उत्पन्न की हैं। जेडीयू की स्थिति का ध्यान रखते हुए बीजेपी को बिहार में सत्ता में आने के लिए संघर्ष करना पड़ सकता है। जेडीयू का लक्ष्य 2025 के विधानसभा चुनाव में अपनी खोई हुई स्थिति को फिर से प्राप्त करना है और एक बार फिर से ‘बड़े भाई’ के रूप में अपनी पहचान स्थापित करना है।
(क्रेडिट – मीडिया इनपुट)