Nitish Kumar Resign : बिहार की राजनीति में इन दिनों एक बड़ा सवाल चर्चा में है. मुख्यमंत्री Nitish Kumar कब इस्तीफा देंगे? हालांकि अब इस सस्पेंस पर धीरे-धीरे स्थिति साफ होती नजर आ रही है. हाल ही में नीतीश कुमार राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए हैं. संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार किसी भी व्यक्ति को एक ही समय में संसद और राज्य विधानसभा/विधान परिषद का सदस्य नहीं रहना होता. ऐसे में उन्हें 14 दिनों के भीतर अपने वर्तमान सदन की सदस्यता से इस्तीफा देना होगा.
14 दिनों के भीतर इस्तीफा जरूरी
उधर बिहार विधानसभा के स्पीकर Prem Kumar द्वारा जारी एक बयान में स्पष्ट किया गया है कि नीतीश कुमार को राज्यसभा के लिए चुने जाने के बाद 14 दिनों के अंदर संबंधित सदस्य को अपनी पुरानी सदस्यता छोड़नी होगी. चूंकि नीतीश कुमार फिलहाल बिहार विधान परिषद के सदस्य हैं, इसलिए उन्हें परिषद के सभापति को इस्तीफा देना होगा. इसी तरह विधायक Nitin Nabin को भी राज्यसभा में निर्वाचित होने के बाद विधानसभा की सदस्यता से निर्धारित समयसीमा के भीतर इस्तीफा देना पड़ेगा.
क्या मुख्यमंत्री पद पर असर पड़ेगा?
इस पूरे घटनाक्रम के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री पद छोड़ना पड़ेगा? इस पर स्पीकर प्रेम कुमार ने स्थिति साफ की है. उन्होंने बताया कि संविधान के अनुसार कोई भी व्यक्ति बिना विधायक या विधान परिषद सदस्य हुए भी अधिकतम 6 महीने तक मुख्यमंत्री पद पर बना रह सकता है. इस दौरान उसे किसी एक सदन का सदस्य बनना अनिवार्य होता है.
संवैधानिक प्रावधान क्या कहते हैं?
संविधान के तहत कोई व्यक्ति 6 महीने तक बिना सदन का सदस्य बने मुख्यमंत्री रह सकता है. इस अवधि के भीतर उसे विधानसभा या विधान परिषद का सदस्य बनना जरूरी होता है कुल मिलाकर नीतीश कुमार को राज्यसभा सदस्य बनने के बाद विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा देना होगा, लेकिन इससे उनके मुख्यमंत्री पद पर तत्काल कोई खतरा नहीं है. संवैधानिक प्रावधानों के चलते वे अगले 6 महीनों तक मुख्यमंत्री बने रह सकते हैं.