उपमुख्यमंत्री नहीं होते पहली पसंद..क्या मौजुदा डिप्टी सीएम होंगे अगले मुख्यमंत्री? जानें कैसा रहा है बिहार का राजनीतिक इतिहास

Bihar upmukhyamantri list : बिहार की राजनीति में इन दिनों एक सवाल लगातार चर्चा में है, क्या मौजूदा उपमुख्यमंत्रियों में से कोई अगला मुख्यमंत्री बन सकता है? खासकर तब, जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपनी समृद्धि यात्रा के दौरान कई मौकों पर सम्राट चौधरी को आगे करते हुए कहते नजर आते हैं कि आगे यही बिहार को संभालेंगे. वहीं दूसरी ओर विजय कुमार सिन्हा भी प्रमुख चेहरों में शामिल हैं. हालांकि जेडीयू नेता संजय झा ने स्पष्ट किया है कि अभी यह तय नहीं है कि अगला मुख्यमंत्री किस दल से होगा. यह फैसला एनडीए की बैठक में सामूहिक रूप से लिया जाएगा.

बिहार में डिप्टी सीएम का इतिहास

बिहार के गठन (1946) के बाद अब तक लगभग 80 वर्षों में कुल 23 मुख्यमंत्री बने हैं और केवल 8 उपमुख्यमंत्री ही बने हैं. यह आंकड़ा दिखाता है कि हर सरकार में डिप्टी सीएम होना जरूरी नहीं रहा. हालांकि यह पद कोई संवैधानिक नहीं है , बल्कि राजनीतिक संतुलन के लिए उपमुख्यमंत्री रखा जाता है. प्रमुख डिप्टी सीएम और उनका कार्यकाल

  • अनुग्रह नारायण सिन्हा -1946 से 1957 तक
  • कर्पूरी ठाकुर – 1967-68
  • सुशील कुमार मोदी – 2005–2013 और फिर 2017–2020
  • तेजस्वी यादव – 2015–2017 और 2022–2024
  • 2020: तारकिशोर प्रसाद और रेणु देवी
  • 2024 के बाद: सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा

क्या डिप्टी सीएम बनते हैं मुख्यमंत्री?

बिहार का राजनीतिक इतिहास बताता है कि भले ही अब तक 8 उपमुख्यमंत्री रहे हों लेकिन 8 डिप्टी सीएम में से सिर्फ 1 ही बाद में मुख्यमंत्री बना. 1967-68 तक डिप्टी सीएम रहे कर्पूरी ठाकुर बाद में मुख्यमंत्री बने. इतिहास बताता है कि बिहार में डिप्टी सीएम से सीएम बनने का रास्ता आसान नहीं रहा है. हालांकि राजनीति संभावनाओं का खेल है और यदि परिस्थितियाँ अनुकूल हुईं, तो मौजूदा उपमुख्यमंत्रियों में से कोई अगला मुख्यमंत्री बन सकता है. फिलहाल, अंतिम फैसला गठबंधन समीकरण और नेतृत्व की सहमति पर ही निर्भर करेगा.

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