Fatty Liver : लिवर हमारे शरीर का सबसे बड़ा अंग है और यह हमारे ओवरऑल हेल्थ के लिए बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. यह मेटाबॉलिज्म को बढ़ाने से लेकर डाइजेस्टिव जूस रिलीज करने तक कई जरूरी काम करता है. लेकिन जब लिवर में अतिरिक्त चर्बी जमा हो जाती है, तो उसे फैटी लिवर कहते हैं, जो एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या बन सकती है.
फैटी लिवर या हेपेटिक स्टेटोसिस एक ऐसी स्थिति है, जहां लिवर में अधिक चर्बी जमा हो जाती है, जिससे लिवर का काम प्रभावित हो सकता है और गंभीर समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं. इस समस्या के दो प्रमुख प्रकार होते हैं: नॉन-अल्कोहॉलिक फैटी लिवर और अल्कोहॉलिक फैटी लिवर डिसीज.
Fatty Liver के लक्षण और जाँच के तरीके
गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. सौरभ सेठी (एमडी एमपीएच) ने इंस्टाग्राम पर फैटी लिवर की पहचान करने के कुछ सरल तरीके बताए हैं, जिन्हें आप घर पर ही चेक कर सकते हैं. इन तरीकों में…
- पेट के आस-पास वजन बढ़ना:- पेट के आस-पास वजन बढ़ना फैटी लिवर का एक प्रमुख संकेत हो सकता है. यह अक्सर इंसुलिन प्रतिरोध से जुड़ा होता है, जो पेट के आसपास फैट को बढ़ाता है.
- दाहिनी पसली के नीचे दर्द या बेचैनी:- यदि आपको दाहिनी पसली के नीचे दर्द या बेचैनी महसूस होती है, तो यह लिवर में सूजन का संकेत हो सकता है.
- त्वचा से जुड़ी समस्याएं:- बिना किसी कारण के मुंहासे, त्वचा की सिलवटों का काला पड़ना, या बालों का झड़ना भी लिवर के स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या का संकेत हो सकता है.
- मतली और भूख न लगना:- यदि आपको लगातार मतली महसूस हो रही है या भूख नहीं लग रही है, तो इसका मतलब हो सकता है कि आपका लिवर प्रभावित हो चुका है.
फैटी लिवर के कारण
फैटी लिवर (Fatty Liver) आमतौर पर कई कारणों के संयोजन से होता है, जिनमें मोटापा और अधिक वजन,टाइप 2 डायबिटीज और इंसुलिन रेजिस्टेंस,हाई ब्लड कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स,अत्यधिक शराब सेवन इसके अलावा, कम सक्रिय थायरॉयड, कुछ दवाइयां, और पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (पीसीओएस) भी फैटी लिवर के कारण हो सकते हैं. कुछ मामलों में महिलाओं को प्रेग्नेंसी के दौरान भी इस समस्या का सामना हो सकता है.
फैटी लिवर का निदान
फैटी लिवर(Fatty Liver) के कारण अक्सर कोई स्पष्ट लक्षण नहीं होते, इसलिए इस समस्या का पता तब तक नहीं चल सकता जब तक कि नियमित जांच के दौरान लिवर की समस्या के लक्षण न दिखाई दें. इसीलिए, समय-समय पर लिवर स्पेशलिस्ट से मिलकर जांच करवाना जरूरी है, ताकि इस समस्या का इलाज समय पर किया जा सके और लिवर की सेहत को बनाए रखा जा सके. स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर, संतुलित आहार और नियमित व्यायाम से फैटी लिवर जैसी समस्याओं से बचा जा सकता है.