Bihar assembly election 2025: बिहार के औरंगाबाद जिले में स्थित कुटुंबा विधानसभा सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित एक महत्वपूर्ण सीट है. यह सीट राजनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील मानी जाती है और 2025 की चुनाव में इस बार सभी प्रमुख दलों की पैनी नजर इस सीट पर है. कुटुंबा विधानसभा सीट की स्थापना 2008 के परिसीमन आदेश के बाद हुई थी. इससे पहले यह निर्वाचन क्षेत्र में अस्तित्व में नहीं था. यह सीट औरंगाबाद लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत आता है. जिसमें अन्य विधानसभा क्षेत्र रफीगंज औरंगाबाद गुरुवा भी शामिल है.
पिछले दो विधानसभा चुनाव के नतीजे
2020 के विधानसभा चुनाव में राजेश कुमार कांग्रेस ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जीत दर्ज की थी जहां कांग्रेस के प्रत्याशी को 50,022 वोट मिले थे वहीं हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के श्रवण भाई को 33,369 वोट मिले थे. तो 2015 के चुनाव में भी राजेश कुमार ने अपनी स्थिति मजबूत बनाई थी जो कि उनकी इस क्षेत्र में मजबूत पकड़ को दर्शाता है.
नई पार्टियां नई अवसर
इस बार बिहार की राजनीति में दो नई पार्टी का प्रवेश हुआ है जहां एक तरफ प्रशांत किशोर की जन स्वराज पार्टी है तो दूसरी तरफ आरजेडी से निष्कासित हुए तेज प्रताप यादव की जनशक्ति जनता दल जो महागठबंधन के लिए एक नई चुनौती पेश कर रही है.
निष्क्रिय मतदाताओं को सक्रिय करना
एनडीए गठबंधन की मुख्य रणनीति उन लगभग 48% मतदाताओं को सक्रिय करना है जिन्होंने 2020 के चुनाव में मतदान नहीं किया था. यह वर्ग निर्णय भूमिका निभा सकती है जहां एनडीए का लक्ष्य इस बार निष्क्रिय मतदाता को मतदान के लिए प्रेरित करना है. तो वही महागठबंधन की पकड़ को कमजोर करना इनका उद्देश्य है जमीनी स्तर पर व्यापक प्रचार अभियान की रणनीति से शायद इन्हें मदद मिल सकती है.
कुटुंबा विधानसभा सीट पर 2025 का चुनाव निश्चित रूप से रोचक रहने वाला है राजेश कुमार की हैट्रिक की संभावना वास्तविक है, लेकिन नई राजनीतिक परिस्थितियों और चुनौतियों के बीच उन्हें अपनी पूरी ताकत लगानी पड़ेगी. तो अब क्या राजेश कुमार की हैट्रिक लगेगी या फिर बिहार की राजनीति में कोई नया अध्याय शुरू होगा.