पहले चरण के चुनाव का प्रचार प्रसार हुआ पूरा.. जानिए हाई प्रोफाइल सीटों पर दिग्गजों की अग्निपरीक्षा

Bihar assembly election first phase: बिहार विधान सभा चुनाव 2025 के पहले चरण का मतदान 6 नवंबर को होने वाला है। जिसका प्रचार प्रसार आज 4 नवंबर को समाप्त हो गया। जिसमें कुल 121 सीटों पर जनता अपने मताधिकार का प्रयोग करेगी या चरण कई मायनों में महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसमें राज्य की राजनीति के कई दिग्गज और हाई प्रोफाइल चेहरे चुनावी मैदान में है। इन सीटों पर सीधा मुकाबला एनडीए और महागठबंधन के बीच है जिसने पूरे राज्य का सियासी पारा हाई कर रखा है।

पहले चरण में चार बड़े नामों की सीटों पर विशेष रूप से सबकी निगाहें टिकी हैं

राघोपुर
तेजस्वी यादव का गढ़ राघोपुर, पटना के पास गंगा किनारे स्थित यह सीट लालू परिवार का पारंपरिक गढ़ माना जाता है। तेजस्वी यादव तीसरी बार इस सीट से चुनाव लड़ रहे हैं उनकी बहनें और माँ राबड़ी देवी भी उनके लिए मोर्चा संभाले हुए हैं। 2015 में तेजस्वी ने यह सीट जीती थी, लेकिन इस बार जीत दर्ज  करना उनके लिए एक बड़ी चुनौती है। राघोपुर में तेजस्वी के प्रतिद्वंदी हैं भाजपा के सतीश कुमार यादव।

तारापुर
भाजपा और बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, मुंगेर जिले की इस सीट को कुशवाहा बहुल माना जाता है। डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी के मैदान में उतरने से यह सीट एनडीए के लिए प्रतिष्ठा का प्रश्न बन चुकी है। इसके नामांकन के बाद ही भाजपा के शीर्ष नेता यहां लगातार प्रचार कर रहे हैं। यह सीट तय करेगी कि उपमुख्यमंत्री के रूप में सम्राट चौधरी की राजनीतिक पद कितनी मजबूत है। वहीं इनके प्रतिद्वंदी अरुण कुमार राजदा महागठबंधन के कड़ी टक्कर दे रहे हैं।

अलीनगर
दरभंगा जिले के अलीनगर विधानसभा सीट इस बार सबसे ज्यादा चर्चा में है क्योंकि भाजपा ने लोकप्रिय लोक गायिका मैथिली ठाकुर को अपना उम्मीदवार बनाया है। मैथिली बिहार के एक राष्ट्रीय पहचान और सबसे युवा उम्मीदवारों में से एक है। उनके प्रतिद्वंदी विनोद मिश्र काफी अनुभवी है। यह मुकाबला लोकप्रियता बनाम अनुभव का है। यह घोषणा करके मैथिली सुर्खियां बटोर रही है कि अगर वह जीतती है तो वह अलीनगर में ही अपना घर बनाकर स्थाई रूप से रहेंगी।

मोकामा
बाहुबली अनंत सिंह का दबदबा मोकामा में काफी सालों से है। छोटे सरकार के नाम से मशहूर बाहुबली  नेता अनंत सिंह का यह सीट हमेशा से चर्चा में रही है चुनाव से ठीक पहले उनकी गिरफ्तारी ने मोकामा का सियासी समीकरण हिला रखा है, वही उनके प्रतिद्वंदी सूरजभान सिंह हैं। फिलहाल अनंत सिंह जेल में है और उनकी बेटी या बेटे ने चुनाव प्रचार की कमान संभाल रखी है, उनकी जीत या हार मोकामा की पारंपरिक बाहुबली राजनीति पर बड़ा असर डालेगी।

इस चरण में कई बड़े और लोकप्रिय चेहरे भी मैदान में है जैसे विजय कुमार सिन्हा लखीसराय खेसारी लाल यादव छपरा , मंगल पांडे सिवान और केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी की बहू दीपा मांझी इमामगंज जैसे नाम भी शामिल है जो इस चरण को बेहद दिलचस्प बना रहे हैं।

बिहार चुनाव का पहला चरणों केवल 121 सीटों  के भाग्य का फैसला करेगा बल्कि राज्य के प्रमुख राजनीतिक दिग्गजों के भविष्य की दिशा तय करेगा।

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