Bihar Assembly Election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव का ऐलान भले ही अभी नहीं हुआ हो लेकिन ,सियासी हलचल तेज हो गई है । राहुल गांधी की वोटर अधिकारी यात्रा के समापन के दो दिन बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिलाओं को अस्मिता का मुद्दा उठाकर चुनावी एजेंडा सेट कर दिया हैं । अब चुनाव की कमान केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने संभाल ली है ,ऐसा आज दिल्ली में बिहार बीजेपी नेताओं के साथ अहम बैठक करेंगे ।
शाह का मास्टर प्लान दिल्ली दरबार में होगा मंथन
दिल्ली में होने वाले इस रणनीति बैठक में सीट शेयरिंग , चुनावी एजेंडा और मिशन 2025 की रणनीति पर मंथन होगा ,बैठक में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल , उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा , केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह और नित्यानंद राय ,बिहार प्रभारी विनोद तावड़े और संगठन मंत्री भीखू भाई डालसानिया शामिल होंगे बीजेपी ने अपने सभी विधायकों का रिपोर्ट कार्ड और जनता से लिया गया फीडबैक अमित शाह के सामने रखने की तैयारी कर दी है . इसी के आधार पर तय होगा कि किन विधायकों का टिकट बरकरार रहेगा और किन का नहीं ।
सीट शेयरिंग का अंकगणित
2020 में बीजेपी ने 110 और जेडीयू ने 115 सीटों पर चुनाव लड़ा था , मांझी को 7 और मुकेश साहनी की वीआईपी को 11 सीटें दी गई थी । इस बार मुकेश साहनी बाहर है , जबकि चिराग पासवान की लोजपा (रामविलास) और उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी एनडीए में शामिल है। सूत्रों के अनुसार इस बार बीजेपी और जेडीयू 105 105 सीटों पर चुनाव लड़ सकती है । इसके बाद बची 33 सीट का बंटवारा सहयोगियों के बीच होगा , चर्चा है कि चिराग पासवान को 20 सीट ,मांझी को 7 से 8 सीट और उपेंद्र कुशवाहा को 5 सीट मिल सकती है ।
बीजेपी का मकसद पहले तैयारी फिर चुनाव
बीजेपी चाहती है की सीट शेयरिंग से पहले ही अपने हिस्से की सीटों पर मजबूत उम्मीदवार उतार लिया जाए इस बार भाजपा किसी भी तरह का जोखिम उठाने के मूड में नहीं है ।अमित शाह की बैठक से संदेश साफ है कि बिहार चुनाव 2025 में भाजपा पूरी ताकत पूरी रणनीति और पूरी तैयारी के साथ मैदान में उतरेगी ।