सिगरेट की 10 वाली डिब्बी अब 72 रुपये में मिलेगी…! सरकार के फैसले का किस पर होगा ज्यादा असर

Cigarette price in India : सिगरेट पीने वालों के लिए फरवरी 2026 से झटका लगने वाला है. केंद्र सरकार ने सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पादों पर टैक्स स्ट्रक्चर में बड़ा बदलाव करने का फैसला किया है. इसके तहत 1 फरवरी 2026 से सिगरेट पर एक्स्ट्रा एक्साइज ड्यूटी लगाई जाएगी, जिससे सिगरेट की कीमतों में भारी इजाफा होना तय माना जा रहा है. कई इलाकों में 10 सिगरेट वाली डिब्बी की कीमत 72 रुपये तक पहुंचने की चर्चा है. वित्त मंत्रालय ने केंद्रीय उत्पाद शुल्क अधिनियम में संशोधन को अधिसूचित करते हुए सिगरेट की लंबाई के आधार पर नया एक्साइज ड्यूटी स्लैब तय किया है. नए नियमों के तहत प्रति 1000 सिगरेट पर 2050 रुपये से लेकर 8500 रुपये तक एक्साइज ड्यूटी लगेगी. यह टैक्स पहले से लागू 40 प्रतिशत जीएसटी से अलग होगा.

प्रीमियम सिगरेट पर सबसे ज्यादा टैक्स

सरकार ने टैक्स दरों को सिगरेट की लंबाई और कैटेगरी के अनुसार तय किया है. इसके तहत

  • 65 मिलीमीटर तक की छोटी नॉन-फिल्टर सिगरेट पर करीब 2.05 रुपये प्रति स्टिक एक्स्ट्रा टैक्स
  • 65 मिलीमीटर तक की छोटी फिल्टर सिगरेट पर लगभग 2.10 रुपये प्रति स्टिक
  • 65 से 70 मिलीमीटर लंबाई वाली सिगरेट पर 3.60 से 4.00 रुपये प्रति स्टिक
  • 70 से 75 मिलीमीटर की प्रीमियम सिगरेट पर करीब 5.40 रुपये प्रति स्टिक एक्स्ट्रा एक्साइज ड्यूटी

इसके अलावा अन्य श्रेणी में आने वाली असामान्य या गैर-मानक डिजाइन की सिगरेट पर 8.50 रुपये प्रति स्टिक टैक्स तय किया गया है. हालांकि, सरकार का कहना है कि अधिकतर लोकप्रिय ब्रांड इस कैटेगरी में शामिल नहीं होते.

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पान मसाला पर भी सख्ती

सरकार ने स्वास्थ्य और राष्ट्रीय सुरक्षा उपकर अधिनियम को भी अधिसूचित किया है. इसके तहत पान मसाला कारोबार से जुड़े निर्माताओं की मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी के आधार पर सेस लगाया जाएगा. पान मसाला पर पहले से लागू 40 प्रतिशत जीएसटी को ध्यान में रखते हुए कुल टैक्स बोझ 88 प्रतिशत पर बरकरार रखा गया है. नया टैक्स स्ट्रक्चर तंबाकू उत्पादों पर लागू 28 प्रतिशत जीएसटी और क्षतिपूर्ति उपकर की मौजूदा व्यवस्था की जगह लेगा.

बाजार और उपभोक्ताओं पर क्या होगा असर?

विशेषज्ञों का मानना है कि सिगरेट के दाम बढ़ने से पारंपरिक सिगरेट की बिक्री पर असर पड़ सकता है. इसका सीधा फायदा ई-सिगरेट (E-cigarette) और अन्य विकल्पों को मिल सकता है, क्योंकि वे तुलनात्मक रूप से सस्ती पड़ सकती हैं. हालांकि, भारत में ई-सिगरेट पर पहले से कड़े नियम लागू हैं, ऐसे में आने वाले समय में इस सेक्टर पर भी सरकार की नजर रह सकती है. स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि सरकार का यह कदम तंबाकू सेवन को हतोत्साहित करने की दिशा में अहम है, जबकि इंडस्ट्री से जुड़े लोग इसे अवैध बाजार और तस्करी को बढ़ावा देने वाला बता रहे हैं.

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