Bihar Elections 2025: बिहार की सियासत एक बार फिर गरमाने लगी है. आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर महागठबंधन आज पटना के दीघा स्थित एक रिजॉर्ट में अहम बैठक करने जा रहा है. यह बैठक महागठबंधन की तीसरी बड़ी रणनीतिक बैठक है, जिसमें सभी छह घटक दल राजद, कांग्रेस, वीआईपी, सीपीआई एमएल, सीपीआई और सीपीएम शामिल होंगे.
तेजस्वी यादव करेंगे बैठक की अध्यक्षता
बैठक की अध्यक्षता महागठबंधन कार्डिनेशन कमेटी के अध्यक्ष और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव करेंगे. इस बैठक में आरजेडी की ओर से खुद तेजस्वी, कांग्रेस से प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम और प्रभारी कृष्णा अल्लावरु, वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी और वाम दलों के प्रमुख नेता मौजूद रहेंगे. साथ ही गठबंधन के विधायक विधान पार्षद और सभी जिलाध्यक्ष भी बैठक में भाग लेंगे.
क्या तय होगा मुख्यमंत्री चेहरा?
बैठक को लेकर सबसे बड़ा राजनीतिक सवाल यह है कि क्या आज महागठबंधन की ओर से मुख्यमंत्री पद(Bihar Elections 2025) के चेहरे पर औपचारिक ऐलान होगा? आरजेडी लगातार तेजस्वी यादव को महागठबंधन का सीएम कैंडिडेट घोषित करती रही है,लेकिन कांग्रेस ने अब तक इस पर अपनी स्पष्ट सहमति नहीं दी है. इससे पहले 17 और 24 अप्रैल को हुई बैठकों में भी यह मुद्दा अनसुलझा रहा था. अब सभी की निगाहें इस तीसरी बैठक पर टिकी हैं, जिससे संभवतः कोई ठोस फैसला निकल सकता है.
बैठक में क्या-क्या होगा?
तालमेल पर फोकस: बैठक में सभी जिलों में महागठबंधन के घटक दलों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने पर चर्चा होगी.
चुनावी मुद्दों पर मंथन: बेरोजगारी, महंगाई, शिक्षा, कानून व्यवस्था जैसे मुद्दों को लेकर साझा रणनीति तैयार की जाएगी.
सीट बंटवारे की शुरुआत: प्रारंभिक रूप से सीट बंटवारे पर भी बातचीत हो सकती है.
उप-समितियों का गठन: कार्डिनेशन कमेटी को सहयोग देने के लिए उप-समितियों के गठन पर भी फैसला लिया जा सकता है.
घोषणा पत्र की तैयारी: चुनावी घोषणा पत्र को अंतिम रूप देने के लिए सहयोगी दलों के साथ संवाद की प्रक्रिया शुरू होगी.
Bihar Elections 2025 : नीतीश बनाम महागठबंधन
बिहार में इस साल अक्टूबर-नवंबर में विधानसभा चुनाव (Bihar Elections 2025) होने हैं. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एनडीए के साथ एक बार फिर सत्ता में वापसी का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं. वहीं महागठबंधन उन्हें हर हाल में सत्ता से बाहर करने के लिए कमर कस चुका है. इसके लिए राजनीतिक समन्वय और साझा एजेंडा तय करने पर जोर दिया जा रहा है.महागठबंधन में फिलहाल सबसे बड़ा दल आरजेडी है, लेकिन कांग्रेस और वामपंथी दल भी अपने-अपने आधार क्षेत्रों को लेकर सतर्क हैं. ऐसे में यह बैठक सत्ता विरोधी मतों को एकजुट करने की दिशा में निर्णायक साबित हो सकती है.
बिहार चुनाव की उलटी गिनती शुरू हो चुकी है और आज की बैठक महागठबंधन के लिए दिशा तय करने वाली साबित हो सकती है. खासकर तेजस्वी यादव को लेकर महागठबंधन का रुख और सीट बंटवारे की प्राथमिक संरचना को लेकर होने वाला निर्णय आने वाले हफ्तों में सियासी समीकरण को बदल सकता है.