Muzaffarpur Hospital Accident : बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में स्थित प्रसाद अस्पताल में गुरुवार तड़के लगी भीषण आग में कम से कम चार लोगों की मौत हो गई. प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण आईसीयू में शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है. घटना के बाद अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी मच गई, जबकि दमकल और प्रशासन की टीमों ने मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव अभियान चलाया. जिला प्रशासन के अनुसार आग सुबह करीब 3 बजे अस्पताल के आईसीयू वार्ड में लगी. आग तेजी से फैलने के कारण मरीजों, उनके परिजनों और अस्पताल कर्मचारियों में दहशत फैल गई. सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया.
ICU में भर्ती 13 मरीजों को किया गया शिफ्ट
मुजफ्फरपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) कांतिश कुमार मिश्रा ने चार लोगों की मौत की पुष्टि की है. वहीं जिला मजिस्ट्रेट सुब्रत कुमार सेन ने बताया कि मृतकों के शवों की पहचान की प्रक्रिया जारी है और सिविल सर्जन ने भी मौतों की पुष्टि की है. जिला प्रशासन ने यह भी बताया कि घटना के समय आईसीयू में 13 मरीज भर्ती थे. सभी मरीजों को तत्काल सुरक्षित बाहर निकालकर आसपास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया. प्रशासन ने बताया कि गंभीर रूप से बीमार और ऑपरेशन के बाद भर्ती मरीजों की स्थिति फिलहाल स्थिर है. जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने कहा कि यह बेहद दुखद घटना है. अस्पताल में भर्ती सभी गंभीर मरीजों की स्थिति की समीक्षा की गई है और उनकी चिकित्सा व्यवस्था सुचारू रूप से जारी है.
हालांकि मुजफ्फरपुर अस्पताल में मौजूद मरीजों के रिश्तेदारों ने आग लगने के बाद अस्पताल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं. मीडिया से बात करते हुए एक परिवार ने दावा किया कि उनके पिता, जो ICU में भर्ती थे, इस घटना में मारे गए. उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पताल प्रशासन ने शव उन्हें नहीं सौंपा और आग लगने के बाद कई स्टाफ सदस्य अस्पताल परिसर से गायब हो गए.
पांचवीं मंजिल पर था ICU
स्थानीय लोगों के अनुसार अस्पताल का आईसीयू वार्ड भवन की पांचवीं मंजिल पर स्थित था, जबकि प्रतीक्षालय चौथी मंजिल पर था. ऊपरी मंजिलों तक पहुंचने और धुएं के बीच फंसे मरीजों को निकालने में बचाव दल को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा. दमकल कर्मियों ने कई स्थानों पर खिड़कियां और दरवाजे तोड़कर मरीजों को बाहर निकाला. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक आग लगने के बाद पूरे भवन में धुआं भर गया था, जिससे बचाव अभियान और चुनौतीपूर्ण हो गया.
20 से अधिक लोगों के घायल होने की आशंका
सूत्रों के अनुसार हादसे में 20 से अधिक लोग घायल हुए हैं, हालांकि प्रशासन ने अभी तक घायलों की अंतिम संख्या जारी नहीं की है. अधिकारियों का कहना है कि मृतकों और घायलों की संख्या सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद स्पष्ट होगी. जिलाधिकारी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में आग लगने की वजह आईसीयू में मौजूद मॉनिटरिंग सिस्टम और ऑक्सीजन सप्लाई नेटवर्क से जुड़ा शॉर्ट सर्किट प्रतीत हो रहा है. हालांकि उन्होंने कहा कि आग के वास्तविक कारणों का पता विस्तृत जांच के बाद ही चल सकेगा. उन्होंने कहा कि प्रथम दृष्टया शॉर्ट सर्किट की आशंका है, लेकिन अंतिम निष्कर्ष तकनीकी जांच रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आएगा.
संयुक्त जांच टीम करेगी पड़ताल
घटना की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं. आग लगने के कारणों और अस्पताल में सुरक्षा मानकों की स्थिति की जांच के लिए अग्निशमन विभाग, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की संयुक्त टीम गठित की गई है. प्रशासन ने कहा है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी.
अस्पतालों की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस हादसे ने एक बार फिर अस्पतालों में अग्नि सुरक्षा मानकों और आपातकालीन तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. स्थानीय लोगों और मरीजों के परिजनों ने अस्पतालों में नियमित सुरक्षा ऑडिट और अग्निशमन व्यवस्थाओं को मजबूत करने की मांग की है. फिलहाल प्रशासन राहत कार्यों और जांच प्रक्रिया में जुटा हुआ है, जबकि मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है.
सोर्स : मीडिया रिपोर्ट