Chief Minister : अक्सर आपके मन में यह सवाल आता होगा कि नीतीश कुमार जब विधायक नहीं है तो वो मुख्यमंत्री कैसे हैं. कभी कभी तो इस सवाल के जबाव की तलाश में आप गुगल भी करते होंगे. और यह सच भी है कि जब नीतीश विधायक नहीं है तो मुख्यमंत्री कैसे हैं.
मुख्यमंत्री कैसे बन सकते हैं
जब नीतीश कुमार विधायक नहीं हैं, तो वे मुख्यमंत्री कैसे बने रह सकते हैं? इसका जवाब भारत के संविधान और मौजूदा विधायी संरचना में स्पष्ट रूप से मौजूद है। भारत के संविधान का अनुच्छेद 164(4) कहता है कि यदि कोई व्यक्ति मुख्यमंत्री पद की शपथ लेते समय विधानसभा या विधान परिषद, किसी भी सदन का सदस्य नहीं है, तो भी वह छह महीने तक मुख्यमंत्री पद पर बना रह सकता है। इस अवधि के भीतर उसे किसी एक सदन की सदस्यता हासिल करनी होती है, अन्यथा पद छोड़ना पड़ता है।
नीतीश कुमार मामले में क्या कहता है कानून
नीतीश कुमार के मामले में यह स्थिति बिल्कुल अलग है, क्योंकि वे बिहार विधान परिषद (MLC) के सदस्य हैं। विधान परिषद की सदस्यता भी विधायी सदस्यता के रूप में वैध मानी जाती है। इसलिए उनके मुख्यमंत्री बने रहने में कानूनी रूप से कोई बाधा नहीं है। मुख्यमंत्री बनने के लिए विधायक होना अनिवार्य नहीं, किसी भी एक सदन की सदस्यता होना पर्याप्त है। इसी आधार पर नीतीश कुमार की वर्तमान मुख्यमंत्री पद की स्थिति पूरी तरह संवैधानिक, वैध और निर्विवाद मानी जाती है।