PM Modi Bihar Visit : विधानसभा चुनावी वर्ष में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बिक्रमगंज दौरा (PM Modi ) राजनीतिक दृष्टि से बेहद अहम माना जा रहा है। बिक्रमगंज शाहाबाद क्षेत्र का हिस्सा है, जहाँ एनडीए पिछले दो चुनावों – 2020 के विधानसभा और 2024 के लोकसभा – में बुरी तरह पिछड़ गया था। ऐसे में यह दौरा सिर्फ विकास परियोजनाओं के उद्घाटन तक सीमित नहीं, बल्कि एक बड़े राजनीतिक संदेश का हिस्सा भी है।
शाहाबाद में एनडीए का कमजोर प्रदर्शन
शाहाबाद क्षेत्र में कुल 20 विधानसभा सीटें आती हैं, जिनमें से अधिकांश पर महागठबंधन का कब्जा है। 2024 के लोकसभा चुनावों में भी यही तस्वीर देखने को मिली, जब रोहतास जिले की तीनों लोकसभा सीटें – बक्सर, सासाराम और काराकाट – एनडीए के हाथ से निकल गईं।
- बक्सर से राजद के सुधाकर सिंह ने जीत दर्ज की
- सासाराम से कांग्रेस के मनोज कुमार सांसद बने
- काराकाट से सीपीआई(एमएल) के राजा राम सिंह ने बाजी मारी
2020 में भी महागठबंधन रहा हावी
विधानसभा चुनाव 2020 में भी रोहतास जिले की सभी सात सीटों पर महागठबंधन का दबदबा रहा:
- काराकाट – अरुण सिंह (सीपीएम)
- डेहरी – फतेह बहादुर कुशवाहा (राजद)
- नोखा – अनीता देवी (राजद)
- दिनारा – विजय कुमार मंडल (राजद)
- करगहर – संतोष कुमार मिश्रा (कांग्रेस)
- सासाराम – राजेश कुमार गुप्ता (राजद)
- चेनारी – मुरली प्रसाद गौतम (कांग्रेस), जो अब बीजेपी में शामिल हो चुके हैं
PM Modi Bihar Visit : विकास बनाम सियासत
प्रधानमंत्री के इस दौरे(PM Modi Bihar Visit ) में कई विकास परियोजनाओं की घोषणाएं और उद्घाटन किए जाने की संभावना है, जिनमें सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़ी योजनाएं प्रमुख होंगी। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि क्या ये घोषणाएं एनडीए को फिर से इस क्षेत्र में पैर जमाने में मदद करेंगी? राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि शाहाबाद जैसे क्षेत्रों में जातीय समीकरण, स्थानीय नेतृत्व और संगठन की पकड़ बहुत बड़ी भूमिका निभाते हैं। ऐसे में सिर्फ केंद्रीय नेतृत्व की मौजूदगी और घोषणाएं चुनावी समीकरण पूरी तरह नहीं बदल सकतीं।
PM Modi Bihar Visit : आगे की रणनीति पर सबकी नजर
बिक्रमगंज दौरे को एनडीए की चुनावी रणनीति का एक शुरुआती कदम माना जा रहा है। इससे यह संकेत भी मिल रहा है कि पार्टी उन क्षेत्रों पर दोबारा फोकस कर रही है जहाँ पिछली बार उसे नुकसान हुआ। अब देखना होगा कि प्रधानमंत्री का यह दौरा शाहाबाद में सिर्फ विकास की नींव रखता है या एनडीए के लिए राजनीतिक संजीवनी भी साबित होता है।