Prashant kishor latest news : बिहार की राजनीति में हलचल के बीच, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इस्तीफे को लेकर जन सुराज अभियान के प्रमुख प्रशांत किशोर ने एक तीखा और विवादास्पद बयान दिया है. उन्होंने दावा किया कि राज्य में हालिया राजनीतिक घटनाक्रम जनता के जनादेश का परिणाम नहीं, बल्कि मैन्युफैक्चरर्ड परिणाम है. प्रशांत किशोर ने आरोप लगाया कि चुनावी नतीजे धनबल और संस्थागत समर्थन से प्रभावित हुए हैं. उन्होंने कहा कि ₹10,000 में खरीदा हुआ परिणाम और केंद्र सरकार व इलेक्शन सिस्टम की मदद से जीती गई बाजी ने बिहार की राजनीति की दिशा तय की है.
मुख्यमंत्री के चेहरे पर केंद्र का प्रभाव?
किशोर ने दावा किया कि बिहार का अगला मुख्यमंत्री वही होगा जिसे नरेंद्र मोदी और अमित शाह पसंद करेंगे. उनके अनुसार 202 विधायकों का समर्थन जिस व्यक्ति को मिलेगा, वही मुख्यमंत्री बनेगा, लेकिन असली निर्णय दिल्ली से होगा. अपने बयान में उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले समय में बिहार सरकार की प्राथमिकताएं राज्य के विकास से अधिक गुजरात से जुड़ी होंगी. उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार से मजदूरों का पलायन जारी रहेगा, स्थानीय रोजगार के अवसर नहीं बढ़ेंगे और राज्य को मजदूर सप्लाई करने वाला क्षेत्र बनाकर रखा जाएगा.
नीतीश कुमार की स्थिति पर सवाल
प्रशांत किशोर ने यह भी दावा किया कि नीतीश कुमार शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ नहीं हैं, और यह बात राजनीतिक दलों को पहले से पता थी. उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बावजूद जनता को गुमराह कर उनके नाम पर वोट मांगे गए. किशोर ने भविष्य को लेकर चेतावनी देते हुए कहा कि आने वाले समय में न तो भ्रष्टाचार कम नहीं होगा और न ही शिक्षा व्यवस्था में सुधार होगा. उन्होंने दावा किया कि राज्य में बेरोजगारी और पलायन भी जारी रहेगा. उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जब मुख्यमंत्री ही पद छोड़ रहे हैं, तो 1 करोड़ नौकरियों का वादा कौन पूरा करेगा.