Crime News : तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में एक महिला द्वारा पति की मौत को प्राकृतिक बताने का दावा पुलिस जांच में पूरी तरह झूठा साबित हुआ है. महिला ने पहले रिश्तेदारों और फिर पुलिस को बताया था कि उसके पति बाथरूम में गिर पड़े और दिल का दौरा पड़ने से उनकी मौत हो गई. लेकिन पोस्टमार्टम और तकनीकी जांच के बाद सामने आई सच्चाई ने सभी को चौंका दिया. पुलिस के अनुसार, मृतक एक निजी विश्वविद्यालय में लॉजिस्टिक्स मैनेजर के पद पर कार्यरत थे. महिला ने मेडिपल्ली पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई शिकायत में कहा था कि उसके पति घर में बेहोश पाए गए थे, जिन्हें तत्काल मलकाजगिरि के सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.
शरीर पर मिले संदिग्ध चोट के निशान
मामले में तब संदेह गहराया जब पुलिस ने शव की प्रारंभिक जांच की. मृतक के गाल और गर्दन पर ऐसे चोट के निशान पाए गए, जो किसी सामान्य चिकित्सीय मृत्यु से मेल नहीं खाते थे. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इन्हीं चोटों ने जांच की दिशा बदल दी और मामले की गहन छानबीन शुरू की गई. जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों ने महिला की कहानी को पूरी तरह खारिज कर दिया. सबूतों के आधार पर पुलिस ने 36 वर्षीय महिला, उसके 22 वर्षीय प्रेमी (जो पेशे से निर्माण मजदूर है) और एक अन्य आरोपी को गिरफ्तार किया.
अवैध संबंध बना हत्या की वजह
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि महिला का अपने प्रेमी के साथ लंबे समय से अवैध संबंध था. जब पति को इस रिश्ते की भनक लगी और उसने सवाल उठाने शुरू किए, तो पति-पत्नी के बीच लगातार विवाद होने लगा. पुलिस का कहना है कि इसी तनाव के चलते महिला और उसके प्रेमी ने पति की हत्या की साजिश रची.
ऐसे दिया गया हत्या को अंजाम
पुलिस के अनुसार, यह वारदात 11 दिसंबर को बोडुप्पल स्थित दंपति के घर में हुई. उस दिन जब मृतक काम से घर लौटा, तभी महिला के प्रेमी और तीसरे आरोपी ने उसे पकड़ लिया. इस दौरान महिला ने खुद उसके पैर पकड़े, जबकि प्रेमी ने चुन्नी (स्कार्फ) से उसका गला घोंट दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई.
सबूत मिटाने की कोशिश
हत्या के बाद आरोपियों ने घटना को दुर्घटना दिखाने की कोशिश की. पुलिस के मुताबिक, मृतक के कपड़े बदल दिए गए और सबूत नष्ट करने के लिए कई आपत्तिजनक वस्तुओं को ठिकाने लगा दिया गया. इसके बाद बाथरूम में गिरने और हार्ट अटैक से मौत की झूठी कहानी गढ़ी गई. फिलहाल पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. मामले में आगे की जांच जारी है और पुलिस चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी कर रही है.