Kerala Election Results : बिहार की प्रमुख विपक्षी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) ने केरल में अपनी मौजूदगी दर्ज कराते हुए एक सीट पर जीत हासिल की है. पार्टी ने राज्य में कुल तीन उम्मीदवार उतारे थे, जिनमें से कुतुपरंबा सीट पर उसे सफलता मिली.
एलजेडी का हुआ था आरजेडी में विलय
कुतुपरंबा विधानसभा सीट पर आरजेडी उम्मीदवार पी.के. प्रवीण ने 1,286 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की. उन्हें कुल 70,448 वोट मिले, जबकि इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग की उम्मीदवार जयंती राजन को 69,162 वोट प्राप्त हुए. भाजपा उम्मीदवार शीजीलाल 22,195 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रहे. इस सीट से पहले विधायक के.पी. मोहनन थे, जो चुनाव से पहले आरजेडी में शामिल हो गए थे. मोहनन केरल सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं और इससे पहले वे शरद पवार की पार्टी लोकतांत्रिक जनता दल से जुड़े थे. 2022 में बिहार के तत्कालीन उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने केरल में पार्टी के विस्तार की पहल की थी. उसी दौरान एलजेडी का आरजेडी में विलय हुआ था, जिससे पार्टी को बिना चुनाव लड़े ही एक विधायक मिल गया था. अब पहली बार आरजेडी को चुनावी जीत भी हासिल हुई है.
आरजेडी उम्मीदवार का विरोध
हालांकि बाकी दो सीटों पर भी पार्टी ने अच्छा प्रदर्शन किया. वटकारा सीट से एम.के. भास्करण और कलपेटा सीट से पी.के. अनिल कुमार मैदान में थे. भास्करण को 55,255 वोट मिले और वे 14,862 वोटों से हारकर दूसरे स्थान पर रहे. वहीं, अनिल कुमार को 52,348 वोट मिले, लेकिन उन्हें 4,531 वोटों से हार का सामना करना पड़ा. अनिल कुमार कुछ वर्ष पहले कांग्रेस छोड़कर आरजेडी में शामिल हुए थे. चुनाव से पहले पार्टी के भीतर मतभेद भी सामने आए थे. उम्मीदवारों की घोषणा के बाद आरजेडी के स्टेट जनरल सेक्रेटरी सबाप पुलपट्टा ने सार्वजनिक तौर पर आपत्ति जताई थी, जिसके बाद उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया गया. इस कार्रवाई का मलप्पुरम जिला इकाई सहित कई नेताओं ने विरोध किया. हालांकि बाद में स्थिति संभाली गई और राज्य अध्यक्ष एम.वी. श्रेयस कुमार की अपील पर कार्यकर्ताओं ने उम्मीदवारों का समर्थन किया.
केरल में यूडीएफ को सफलता
केरल में आरजेडी, लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (एलडीएफ) का हिस्सा है, जिसकी अगुवाई सीपीआई(एम) करती है. राज्य में फिलहाल एलडीएफ की सरकार है और पिनराई विजयन मुख्यमंत्री हैं. हालांकि मौजूदा चुनाव में यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ), जिसकी अगुवाई कांग्रेस करती है, बढ़त बनाए हुए है. ताजा रुझानों के अनुसार, केरल की 140 सीटों में से यूडीएफ 69 सीटें जीत चुकी है और 29 पर आगे चल रही है, जिससे वह बहुमत के करीब पहुंच गई है. कांग्रेस अकेले 47 सीटें जीत चुकी है और 16 पर आगे है. वहीं एलडीएफ को 26 सीटों पर जीत मिली है और वह 9 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है.