लोकसभा में चुनाव सुधारों पर बहस के लिए राहुल गांधी को कितने नंबर ?

Rahul Gandhi Parliament Speech : लोकसभा में मंगलवार को चुनावी सुधारों पर हुई बहस के दौरान कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने चुनाव आयोग और उसकी कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। राहुल ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग (ECI) सत्ता के प्रभाव में काम कर रहा है, और मौजूदा व्यवस्था में ईवीएम से लेकर मतदाता सूची तक, कई स्तरों पर पारदर्शिता की कमी है। राहुल ने कहा कि अगर उनकी सरकार बनी, तो चुनाव आयुक्तों को दी गई कानूनी इम्युनिटी हटाई जाएगी, और पिछली कार्रवाईयों की भी समीक्षा की जाएगी।

क्या कहा राहुल गांधी ने?

लोकसभा में भाषण देते हुए राहुल गांधी ने चुनाव आयोग की पारदर्शिता और स्वतंत्रता पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि…

  • EVM की आर्किटेक्चर तक विपक्ष को पहुंच क्यों नहीं?

राहुल ने कहा कि कई विपक्षी दल ईवीएम की विश्वसनीयता पर सवाल उठा रहे हैं। उनका कहना था कि विपक्ष को EVM की पूरी तकनीकी संरचना तक पहुंच मिलनी चाहिए.ताकि यह जांचा जा सके कि मशीन में किसी तरह की छेड़छाड़ संभव है या नहीं. उन्होंने कहा कि यह सिर्फ विपक्ष का भरोसा जीतने का सवाल नहीं, जनता के भरोसे का सवाल है।

  • वोटर लिस्ट मशीन-रीडेबल क्यों नहीं?

राहुल गांधी ने कहा कि मतदाता सूची कई जगह गलत पाई जा रही है। उन्होंने प्रस्ताव रखा कि मतदाता सूची को मशीन-रीडेबल बनाया जाए और इसे कम से कम 1 महीने पहले सभी पार्टियों को दिया जाए ताकि बूथ-स्तर पर संभावित त्रुटियों की पहचान हो सके।

  • CCTV फुटेज 45 दिन में क्यों नष्ट की जाती है?

उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव संबंधी CCTV फुटेज को सिर्फ 45 दिनों तक सुरक्षित रखने का नियम संदेह पैदा करता है। राहुल ने कहा कि CCTV फुटेज को लंबे समय तक संरक्षित रखा जाए ताकि जरूरत पड़ने पर चुनावी प्रक्रिया की फॉरेंसिक जांच हो सके

  • चुनाव आयुक्तों को कानूनी सुरक्षा क्यों?

2023 में बने नए कानून के तहत चुनाव आयुक्तों के निर्णयों को लेकर उनके खिलाफ किसी भी प्रकार की सिविल या क्रिमिनल कार्यवाही पर रोक है। राहुल गांधी ने इसे गलत और अलोकतांत्रिक बताया। उन्होंने कहा अगर कांग्रेस की सरकार आएगी, तो इस कानून को बदला जाएगा और फैसलों की समीक्षा भी होगी।

  • एक व्यक्ति एक वोट एक मूल्य की अवधारणा पर सवाल

राहुल ने कहा कि मतदाता सूची और मतदान प्रक्रिया में संरचनात्मक खामियां हैं, जिससे कई इलाकों में लोग वोट डालने से वंचित हो रहे हैं, जबकि कुछ इलाकों में अनियमितताएं देखी जा रही हैं।

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