गर्भावस्था में जोड़ों का दर्द कहीं गंभीर बीमारी का संकेत तो नहीं…? जानिए क्या है इसका लक्षण

Women health tips : गर्भावस्था महिलाओं के जीवन का सबसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण दौर होता है। इस दौरान शरीर में कई तरह के शारीरिक और हार्मोनल बदलाव होते हैं। इन्हीं बदलावों के कारण बड़ी संख्या में गर्भवती महिलाओं को जोड़ों में दर्द, अकड़न और सूजन की शिकायत होती है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह समस्या आम है, लेकिन इसे नजरअंदाज करना कभी-कभी गंभीर हो सकता है।

क्यों होता है गर्भावस्था में जोड़ों का दर्द?

डॉक्टरों के मुताबिक गर्भावस्था के दौरान जोड़ों में दर्द के पीछे कई कारण होते हैं जैसे

  • हार्मोनल बदलाव 

गर्भावस्था में रिलैक्सिन नामक हार्मोन बढ़ जाता है, जो डिलीवरी के लिए शरीर को तैयार करता है। यह हार्मोन जोड़ों और लिगामेंट्स को ढीला करता है, जिससे दर्द और अस्थिरता महसूस हो सकती है।

  • वजन बढ़ना

बढ़ते भ्रूण के साथ शरीर का वजन भी बढ़ता है। इसका सीधा असर घुटनों, कूल्हों, टखनों और कमर पर पड़ता है।

  • शरीर का संतुलन बदलना

पेट बढ़ने से शरीर का बैलेंस बदल जाता है, जिससे चलने-फिरने की मुद्रा प्रभावित होती है और जोड़ों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है।

  • सूजन और पानी रुकना 

गर्भावस्था में हाथ-पैरों में सूजन आना आम बात है, जिससे जोड़ों में जकड़न और दर्द बढ़ सकता है।

क्या है गठिया (Arthritis) का संकेत ?

विशेषज्ञ दावा करते हैं कि गर्भावस्था खुद में गठिया का कारण नहीं बनती। हालांकि, जिन महिलाओं को पहले से रूमेटॉइड आर्थराइटिस या ऑस्टियोआर्थराइटिस की समस्या है, उनमें लक्षणों में बदलाव देखा जा सकता है। कुछ मामलों में गर्भावस्था के दौरान गठिया के लक्षण कम हो जाते हैं, जबकि कई महिलाओं में डिलीवरी के बाद गठिया के लक्षण बढ़ सकते हैं। इसलिए अगर दर्द असामान्य या लंबे समय तक बना रहे, तो डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।

किन लक्षणों पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें?

  • जोड़ों में तेज या असहनीय दर्द
  • सूजन के साथ लालिमा या गर्माहट
  • चलने-फिरने में परेशानी
  • बुखार के साथ जोड़ों का दर्द
  • जोड़ों के दर्द से राहत के उपाय

इन लक्षणों के उपचार के लिए डॉक्टर गर्भवती महिलाओं को कुछ सुरक्षित उपाय अपनाने की सलाह देते हैं:

  • हल्का व्यायाम और योग

टहलना, प्रेग्नेंसी योग और तैराकी जोड़ों को लचीला बनाए रखते हैं।

  • सही बैठने और सोने की मुद्रा

पीठ और कमर को सपोर्ट देने वाले तकिए या प्रेग्नेंसी बेल्ट फायदेमंद हो सकते हैं।

  • गर्म सिकाई और हल्की मालिश

इससे मांसपेशियों और जोड़ों को आराम मिलता है।

  • आराम और पर्याप्त पानी

शरीर को पर्याप्त आराम और हाइड्रेशन दर्द को कम करने में मदद करता है।

  • दवाओं में सावधानी

बिना डॉक्टर की सलाह के किसी भी दर्द निवारक दवा का सेवन नहीं करना चाहिए। आमतौर पर पैरासिटामोल को सुरक्षित माना जाता है, लेकिन इसकी भी पुष्टि जरूरी है।

क्या है विशेषज्ञों की सलाह

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि गर्भावस्था में जोड़ों का दर्द आम समस्या है, लेकिन लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए। समय पर डॉक्टर से सलाह, सही जीवनशैली और सुरक्षित उपाय अपनाकर इस परेशानी को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।

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