संसद के निचले सदन की ओर से गुरुवार को जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, 18वीं लोकसभा में अध्यक्ष पद के लिए चुनाव 26 जून को होगा। इस बीच, नवनिर्वाचित लोकसभा का पहला सत्र 24 जून को सदन के सदस्यों को शपथ दिलाने के लिए शुरू होने वाला है। सत्र 3 जुलाई को समाप्त होगा। मीडिया सूत्रों के अनुसार, सत्तारूढ़ एनडीए के घटक दलों में सबसे बड़ी पार्टी भाजपा, Lok Sabha Speaker पद को “बनाए रखने” के लिए तैयार है। आईएएनएस की रिपोर्ट के अनुसार, भाजपा के सहयोगी दलों द्वारा लोकसभा अध्यक्ष पद की मांग करने संबंधी मीडिया रिपोर्टों को खारिज करते हुए, पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि इस मामले पर पहले आंतरिक रूप से विचार किया जाएगा, उसके बाद NDA सहयोगियों के साथ इस पर आम सहमति बनाई जाएगी।
Lok Sabha Speaker के लिए इन नामों की चर्चा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली पहली एनडीए सरकार में भाजपा की सुमित्रा महाजन लोकसभा अध्यक्ष रहीं, जबकि दूसरे कार्यकाल में कोटा से भाजपा सांसद ओम बिरला इस पद पर रहे। हालांकि भाजपा के पास 2014 और 2019 की तरह बहुमत नहीं है, लेकिन अटकलें लगाई जा रही थीं कि टीडीपी और जेडी(यू) के एक सांसद अध्यक्ष पद के लिए होड़ में हैं।मीडिया सूत्रों के अनुसार नए लोकसभा अध्यक्ष के नाम पर प्रधानमंत्री मोदी के इटली की मौजूदा यात्रा से लौटने के बाद विचार-विमर्श किया जाएगा, जहां उन्हें इस साल के जी7 शिखर सम्मेलन के आउटरीच सत्र में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया है। अगर सहयोगी दलों की ओर से इस पद के बारे में कोई सुझाव या मांग आती है, तो भाजपा एक नए फॉर्मूले पर विचार करेगी।
चुनाव तक सदन की अध्यक्षता प्रोटेम स्पीकर द्वारा की जाती है
मौजूदा लोकसभा के उद्घाटन सत्र के दौरान, भाजपा द्वारा विपक्षी दलों से संपर्क कर यह सुनिश्चित करने की उम्मीद है कि अध्यक्ष का चुनाव सर्वसम्मति से हो। अगर विपक्ष सरकार के प्रस्ताव से सहमत होता है, तो चुनाव की आवश्यकता नहीं होगी। हालांकि, अगर विपक्ष अपना उम्मीदवार उतारता है, तो नए अध्यक्ष के लिए मतदान 26 जून को हो सकता है, और उसी दिन नया अध्यक्ष पदभार ग्रहण कर लेगा। अध्यक्ष के चुनाव तक सदन की अध्यक्षता प्रोटेम स्पीकर द्वारा की जाएगी।
Lok Sabha Speaker का चुनाव कैसे होता है ?
लोकसभा अध्यक्ष का चुनाव आमतौर पर लोकसभा के पहले सत्र के दौरान होता है, जो आम चुनावों के पश्चात बुलाया जाता है। संसद की कार्यवाही को सुचारू रूप से संचालित करने तथा सदन में निष्पक्षता सुनिश्चित करने में लोकसभा अध्यक्ष की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। लोकसभा अध्यक्ष का चुनाव आम तौर पर लोकसभा सदस्यों की पहली बैठक के दौरान होता है। अध्यक्ष के चुनाव से पहले, एक सदस्य को प्रो-टेम (अस्थायी) अध्यक्ष के रूप में चुना जाता है। प्रो-टेम अध्यक्ष नए सदन की शुरुआती कुछ बैठकों की अध्यक्षता करता है, नवनिर्वाचित सदस्यों को शपथ दिलाता है और अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के लिए मतदान भी कराता है। देखिए ये मुख्य बिन्दु….
• उम्मीदवारों का नामांकन : लोकसभा अध्यक्ष पद के लिए, किसी सदस्य को किसी अन्य सदस्य द्वारा प्रस्तावित किया जाता है तथा किसी अन्य सदस्य को प्रस्ताव का समर्थन करना होता है। ऐसे कई प्रस्ताव हो सकते हैं।
• अधिसूचना जारी करना : सभी प्रस्ताव प्राप्त होने के पश्चात, संसद सचिवालय सभी नामांकित उम्मीदवारों के नामों की सूची वाली अधिसूचना जारी करता है।
• चुनाव कराना : यदि एक से अधिक उम्मीदवार हैं, तो चुनाव कराया जाता है, जो आमतौर पर लोकसभा के सत्र के दौरान होता है। इस दौरान सभी सदस्य अपना वोट डालते हैं।
• मतदान प्रक्रिया : मतदान के दौरान, सदस्य गुप्त मतदान द्वारा अपना वोट डालते हैं।
• मतगणना और परिणामों की घोषणा : मतगणना के पश्चात, सबसे अधिक मत प्राप्त करने वाले उम्मीदवार को लोकसभा अध्यक्ष घोषित किया जाता है।
• निर्विरोध चुनाव : यदि केवल एक उम्मीदवार है, तो उसे निर्विरोध लोकसभा अध्यक्ष घोषित किया जाता है।
1952 से 2024 तक के लोकसभा अध्यक्षों के नाम
- गणेश वासुदेव मावलंकर , 5 मई 1952 – 27 फ़रवरी 1956, कांग्रेस
- अनन्त शयनम् अयंगार, 8 मार्च 1956 – 16 अप्रैल 1962, कांग्रेस
- सरदार हुकम सिंह, 17 अप्रॅल 1962 – 16 मार्च 1967, कांग्रेस
- नीलम संजीव रेड्डी ,17 मार्च 1967 – 19 जुलाई 1969, कांग्रेस
- जी. एस. ढिल्लोंल, 8 अगस्त 1969 – 1 दिसंबर 1975, कांग्रेस
- बलि राम भगत ,15 जनवरी 1976 – 25 मार्च 1977, कांग्रेस
- नीलम संजीव रेड्डी, 26 मार्च 1977 – 13 जुलाई 1977, जनता पार्टी
- के एस हेगड़े, 21 जुलाई 1977 – 21 जनवरी 1980, जनता पार्टी
- बलराम जाखड़, 22 जनवरी 1980 – 18 दिसंबर 1989, कांग्रेस
- रवि राय, 19 दिसंबर 1989 – 9 जुलाई 1991 ,जनता पार्टी
- शिवराज पाटिल, 10 जुलाई 1991 – 22 मई 1996, कांग्रेस
- पी. ए. संगमा, 25 मई 1996 – 23 मार्च 1998 ,कांग्रेस
- जी एम सी बालयोगी, 24 मार्च 1998 – 3 मार्च 2002, टीडीपी
- मनोहर जोशी, 10 मई 2002 – 2 जून 2004 ,शिवसेना
- सोमनाथ चटर्जी, 4 जून 2004 – 30 मई 2009, सीपीआईएम
- मीरा कुमार, 4 जून 2009 – 4 जून 2014, कांग्रेस
- सुमित्रा महाजन ,6 जून 2014 – 10 जून 2019, बीजेपी
- ओम विरला, 19 जून 2019 -5 जून 2024,बीजेपी