Bihar politics : बिहार की राजनीति में सीमांचल एक बार फिर सुर्खियों में है. असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM ने इस बार भी विधानसभा चुनाव में पांच सीटें जीतकर अपनी पकड़ बनाए रखी है. लेकिन चुनाव नतीजों के कुछ ही दिनों बाद पार्टी के तीन नवनिर्वाचित विधायकों का मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मिलना राजनीति में नए कयासों को हवा दे रहा है. जोकिहाट सीट से AIMIM विधायक बने मोहम्मद मुर्शीद आलम ने पटना में मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद बड़ा बयान दे दिया. उन्होंने नीतीश कुमार को अपना सियासी गुरु बताते हुए कहा कि 2014 में उन्हें जेडीयू में शामिल कराने वाले नीतीश कुमार ही थे और वे उनके एहसान को कभी नहीं भूल सकते. रिपोर्ट के अनुसार मुलाकात के दौरान मुर्शीद आलम ने अपने क्षेत्र के लिए दो प्रमुख मांगें, जोकीहाट में दो नए महाविद्यालय की स्थापना और जोकीहाट में एक अतिरिक्त ब्लॉक (अंचल) की स्वीकृति, सीएम के सामने रखीं. मुर्शीद आलम ने कहा कि वह भले ही दूसरे दल में हों, लेकिन नीतीश कुमार की भूमिका को कभी नहीं भुला सकते.
AIMIM विधायक की सीएम से मुलाकात
AIMIM के कुल पांच विधायकों में से तीन अख्तरुल ईमान (अमौर), मुर्शीद आलम (जोकिहाट) और सरवर आलम ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की. मुलाकात का समय और बयानबाज़ी दोनों ही यह संकेत दे रहे हैं कि सीमांचल की राजनीति में कुछ बड़ा पक रहा है. हालांकि AIMIM के राज्य अध्यक्ष अख्तरुल ईमान ने सफाई देते हुए कहा कि मुलाकात पूरी तरह विकास और सीमांचल के मुद्दों पर केंद्रित थी, इसका कोई राजनीतिक मतलब न निकाला जाए. ईमान खुद भी कभी जेडीयू में रहे थे और बाद में AIMIM में शामिल हुए थे. लेकिन AIMIM विधायकों द्वारा नीतीश कुमार की खुलकर तारीफ किए जाने के बाद राजनीतिक गलियारों में सवाल उठने लगे हैं कि क्या फिर से 2020 जैसा सियासी खेला दोहराया जा सकता है? गौरतलब है कि 2020 में AIMIM के पांच में से चार विधायक चुनाव जीतने के बाद आरजेडी में शामिल हो गए थे और पार्टी की बिहार विधानसभा में लगभग समाप्त हो गई थी.
क्या जेडीयू बढ़ा सकती है अपना कुनबा?
2025 के चुनाव में जेडीयू 85 सीटें जीतकर दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बनी है. बीजेपी की सीटें 89 हैं. ऐसे में राजनीतिक विश्लेषक कह रहे हैं कि अगर AIMIM के विधायक जेडीयू का दामन थामते हैं, तो जेडीयू विधानसभा में सबसे बड़ी पार्टी भी बन सकती है. इसलिए इन क्षेत्रों में राजनीतिक ध्रुवीकरण पर भी इस मुलाकात का असर पड़ सकता है.
सियासी हलकों में चर्चा गर्म
मुर्शीद आलम का नीतीश कुमार को गुरु कहना, अख्तरुल ईमान की जेडीयू पृष्ठभूमि, और तीन विधायकों की मुलाकात इन सबने बिहार की राजनीति में कई सवाल खड़े कर दिए हैं. क्या AIMIM विधायक जल्द ही जेडीयू में शामिल होने की तैयारी में हैं? क्या नीतीश कुमार सीमांचल में अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करने की कोशिश में हैं? क्या ओवैसी की पार्टी पर फिर से टूट की आशंका है? फिलहाल AIMIM नेतृत्व इन कयासों से इंकार कर रहा है, लेकिन बिहार की राजनीति में घटनाक्रम तेजी से बदलते हैं. ऐसे में आने वाले दिनों में स्थिति और स्पष्ट हो सकती है.